
अल्मोड़ा। भिकियासैंण विकासखंड स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय चौनलिया में सरकारी वाहन की सुविधा नहीं होने से छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवासीय विद्यालय में करीब 300 छात्र-छात्राओं के अध्ययनरत होने के बावजूद आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं है, जिससे अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। विद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन लगभग 20 से 30 विद्यार्थियों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भतरोजखान अथवा भिकियासैंण ले जाने की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन विद्यालय के पास अपना सरकारी वाहन नहीं होने के कारण बीमार विद्यार्थियों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। बताया गया कि विद्यालय को पूर्व में सरकारी वाहन उपलब्ध था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद वह अनुपयोगी हो गया। हालांकि विद्यालय में वाहन चालक की नियुक्ति है, लेकिन वाहन नहीं होने से उसकी सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। प्रधानाचार्य, विद्यालय स्टाफ और अभिभावकों का कहना है कि यह केवल परिवहन सुविधा का नहीं, बल्कि आवासीय विद्यालय में रह रहे बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा का गंभीर मामला है। उनका कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचाना अत्यंत आवश्यक होता है। विद्यालय में पूर्व में भी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति सामने आ चुकी है। अगस्त 2024 में चिकनपॉक्स संक्रमण फैलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों की जांच की थी, जिसमें 10 छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस घटना के बाद भी स्थायी परिवहन व्यवस्था नहीं हो सकी। प्रधानाचार्य, स्टाफ और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय के लिए शीघ्र नया सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगभग 300 विद्यार्थियों वाले आवासीय विद्यालय में स्थायी परिवहन व्यवस्था अनिवार्य है, ताकि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों के साथ-साथ विद्यालय के अन्य आवश्यक कार्य भी सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

