
अल्मोड़ा। सालम क्रांति दिवस पर मंगलवार को धामदेव स्थित शहीद स्मारक और जैंती तहसील के धामदेव में आयोजित कार्यक्रमों में स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी नर सिंह धानक और टीका सिंह कन्याल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि सालम क्रांति के शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर जिला प्रशासन के बहुउद्देशीय शिविर में 1,359 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, जबकि 327 शिकायतों का मौके पर ही शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया। धामदेव स्थित शहीद स्मारक में शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए 25 अगस्त को दोनों सेनानियों ने इसी स्थान पर सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष सालम क्रांति दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के योगदान को भी याद किया गया। उधर, अल्मोड़ा सालम शहीद स्मारक समिति की ओर से आयोजित सालम शहीद दिवस समारोह में मुख्य अतिथि एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में सालम क्षेत्र के क्रांतिकारियों का योगदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने भी शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वक्ताओं ने क्षेत्रवासियों से आपसी एकता बनाए रखने तथा शहीदों के सपनों के अनुरूप समाज निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्कार सांस्कृतिक टीम ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। समारोह में ब्लॉक प्रमुख धौलादेवी लीला बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख लमगड़ा त्रिलोक सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य सुनीता कुंजवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

