

– आरडब्ल्यूएस की एनओसी की अनिवार्यता खत्म करें हिमुडा : संजीव कौशल
आरएनएस सोलन(बद्दी) : बुधवार को रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी हाउसिंग बोर्ड फेस 1-2 की विकास कार्यों को लेकर बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी (आरडब्ल्यूएस) के अध्यक्ष संजीव कौशल ने की। बैठक में सोसाइटी की समस्या और शिकायतों का समाधान करने पर विचार विमर्श किया गया। बैठक के दौरान सोसाइटी के अध्यक्ष संजीव कौशल ने कहा हाउसिंग बोर्ड में मकान बेचने के लिए आरडब्ल्यूएस की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) अनिवार्य है। जिसके लिए मकान मालिक को एनओसी का आरडब्ल्यूएस को शुल्क अदा करना पड़ता है। जिससे कि उपभोक्ता की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ता है। रेसिडेंट्स सोसाइटी मेंटेनेंस चार्ज में आमतौर पर हाउसिंग सोसायटी के रखरखाव का खर्च और बाद में मरम्मत के काम में आने वाला खर्च शामिल होता है। रेसिडेंट्स सोसाइटी लोगों की बिजली, पानी, सुरक्षा जैसे मसलों के लिए कार्य करती है। लेकिन हाउसिंग बोर्ड बद्दी कॉलोनी का रखरखाव नगर परिषद द्वारा किया जाता है। जिसमें सड़कें, नालिया, पार्क आदि शामिल है। कौशल ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड बद्दी में हिमुडा द्वारा दफ्तर खुला हुआ है जिसमें एसडीओ स्तर के अधिकारी तक बैठते है, जोकि हाउसिंग कॉलोनी का रखरखाव देखते है। वहीं आरडब्ल्यूएस का इससे कोई लेनादेना नही है तो फिर रेसिडेंट्स सोसाइटी की एनओसी की जरूरत क्यों ? आरडब्ल्यूएस की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की बाध्यता को हिमुडा जल्द से जल्द खत्म करें। ताकि बिना आरडब्ल्यूएस की अनुमति से मकान आसानी से बिक सके। बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया कि जब तक हिमुडा की तरफ से रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी की एनओसी की अनिवार्यता खत्म नहीं की जाती तब तक आरडब्ल्यूएस लोगों को निशुल्क एनओसी देगी। पर एक शर्त के साथ पर्यावरण के लिए पेड़-पौधों की अहम भूमिका को देखते हुए उपभोक्ता को दो पौधे लगाने होंगे और जिसका रखरखाव व ध्यान सही तरीके से रखना होगा। कौशल ने कहा कि आरडब्ल्यूएस का काम लोगों के मुद्दे को उठाना व निवारण के लिए नगर परिषद और हिमुडा तक पहुँचना है। इसके अतिरिक्त बैठक के दौरान कौशल ने प्रशासन से मांग की गई कि जो पिछले दिनों लो हाइट बैरियर लगाए थे। जो टूट गए है उनको द्वारा लगाया जाए और जो चक्का रोड की तरफ तीन रास्ते खुलते हैं। वहा पर बैरीगेट्स लगाकर उनको सिर्फ पैदल आने-जाने के लिए रखा जाए ऐसा करना सुरक्षा की दृष्टिगत से जरूरी है।

