Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • रामदेव की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में, एलोपैथी पर बयान के खिलाफ प्राथमिकियों पर की रोक की मांग
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

रामदेव की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में, एलोपैथी पर बयान के खिलाफ प्राथमिकियों पर की रोक की मांग

RNS INDIA NEWS 24/06/2021
default featured image

नई दिल्ली (आरएनएस)। योगगुरु बाबा रामदेव ने महामारी के दौरान कोविड मरीजों के इलाज में एलोपैथिक दवा के इस्तेमाल के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। दरअसल, एलोपैथी चिकित्सा और डॉक्टरों को लेकर उनकी ओर से दिए गए विवादित बयानों को लेकर बीते कुछ दिनों में योगगुरु के खिलाफ कई केस दायर किए गए हैं।
याचिका में रामदेव ने पटना और रायपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा दर्ज प्राथमिकी को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की। उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डॉक्टरों की स्वैच्छिक संस्था आईएमए ने उन पर कोविड रोगियों के लिए एलोपैथिक उपचार के संबंध में झूठी सूचना फैलाने का आरोप लगाया है। 23 मई को रामदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से एक सख्त लहजे में लिखा गया पत्र प्राप्त करने के बाद एलोपैथिक दवा पर अपना बयान वापस ले लिया था, जिन्होंने उनकी टिप्पणी को अनुचित करार दिया था।
आईएमए ने अपनी शिकायत में कहा था कि बाबा रामदेव कथित तौर पर चिकित्सा बिरादरी, भारत सरकार, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और कोविड के उपचार में शामिल अन्य फ्रंटलाइन संगठनों द्वारा उपयोग की जा रही दवाओं के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत सूचना का प्रचार कर रहे हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: सीबीआई ने धोखाधड़ी मामले में एसबीआई अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की दर्ज
Next: मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना समीक्षा: 97 बच्चे चिन्हित

Related Post

default featured image
  • राष्ट्रीय

10 मिनट डिलीवरी के वादे पर सरकार ने लगाया ब्रेक, कंपनियों को विज्ञापनों से हटानी पड़ी समय सीमा

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0
default featured image
  • राष्ट्रीय

सगाई टूटने से नाराज युवक ने पूर्व मंगेतर की चाकू से हत्या की, दो आरोपी गिरफ्तार

RNS INDIA NEWS 10/01/2026 0
default featured image
  • राष्ट्रीय

सनसनीखेज खुलासा : इंसानों के ब्लड बैग में भरा मिला 1,000 लीटर जानवरों का खून, अधिकारी हैरान

RNS INDIA NEWS 09/01/2026 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं
  • राशिफल 14 जनवरी
  • किसान की आत्महत्या सरकार की विफलता का प्रमाण: प्रीतम
  • कचरा मैन बन स्वयं सेवियों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली
  • आपसी विवाद में युवक को मारी गोली, गंभीर घायल
  • चोरी के शक में मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.