Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • टिहरी
  • पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर बांध प्रभावितों का धरना तीसरे दिन भी रहा जारी
  • टिहरी

पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर बांध प्रभावितों का धरना तीसरे दिन भी रहा जारी

RNS INDIA NEWS 17/09/2022
default featured image

नई टिहरी। कोटेश्वर बांध परियोजना से प्रभावित ग्राम पयाल गांव के काश्तकारों ने पूर्ण विस्थापन की मांग को लेकर तीसरे दिन भी डीपीएच भारत कैंप में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। ग्रामीण काश्तकारों का कहना है कि उनकी मांग पर गौर न हुआ तो 19 सितंबर को चक्का जाम करेंगे। शनिवार को भी कोटेश्वर बांध से प्रभावित पयाल गांव के ग्रामीणों का धरना जारी रहा। ग्रामीणों की मांग है कि पयाल गांव का वर्ष 2016-17 की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र विस्थापन किया जाय। टीएचडीसी भूगर्भीय समिति एवं पुर्नवास विभाग वर्ष 2022 की सर्वे रिपोर्ट को सार्वजनिक करे। समपाश्र्विक क्षति-नीती 2013 की समीक्षा की जाय। टिहरी व कोटेश्वर बांध परियोजना से प्रभावितों की समस्त समस्याओं का समाधान टीएचडीसी स्वयं करे। टीएचडीसी ग्रामीणों को लेकर लापरवाह है। टिहरी झील से प्रभावितों की समस्त समस्याओं के समाधान के लिए गठित मंत्रीमंडलीय उप समिति की बैठक कर समस्याओं का समाधान किया जाय। पुर्नवास नीती 1998 की भांति समपाश्र्विक क्षति नीती में ग्रामीण दुकानदारों का भी विस्थापित कर मुआवजा दिया जाए। 2010 का फसलाना क्षति नीती से प्रभावितों को दिया जाए। पुर्नवास नीती 1998 के भांति समपाश्र्विक क्षति नीती 2013 में भी यह नियम रखा जाय कि 75 प्रतिशत प्रभावित होने पर शेष 25 प्रतिशत का भी पूर्ण विस्थापन किया जाय। विस्थापन पूरा न होने तक टिहरी झील को 830 तक न भरा जाय। पयाल गांव की समस्त परिसम्मपतियों को शीघ्र भुगतान किया जाय।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: टनकपुर नगरपालिका ने चलाया स्वच्छता अभियान
Next: थराली में मनाया प्रधानमंत्री का जन्मदिन

Related Post

default featured image
  • टिहरी

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए खैट पर्वत और नागटिब्बा ट्रैक होंगे विकसित

RNS INDIA NEWS 12/01/2026 0
default featured image
  • टिहरी

टिहरी के प्राथमिक स्कूलों को मिलेंगे 216 नए शिक्षक

RNS INDIA NEWS 11/01/2026 0
default featured image
  • टिहरी

छोटे भाई से मारपीट कर उसके दोनों हाथ कटवाने के आरोप में भाई और भाभी गिरफ्तार

RNS INDIA NEWS 25/12/2025 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं
  • राशिफल 14 जनवरी
  • किसान की आत्महत्या सरकार की विफलता का प्रमाण: प्रीतम
  • कचरा मैन बन स्वयं सेवियों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली
  • आपसी विवाद में युवक को मारी गोली, गंभीर घायल
  • चोरी के शक में मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.