
अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत गुरुवार को विकासखंड हवालबाग में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई-डीएफओ हल्द्वानी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों, ब्रांडिंग और डिजिटल विपणन के माध्यम से कारीगरों के व्यवसाय को नई पहचान दिलाना था। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उपलब्ध टूलकिट, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधा, उद्यम पंजीकरण, उत्पाद ब्रांडिंग, पैकेजिंग, क्यूआर कोड आधारित शिपिंग एवं ट्रैकिंग सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने और आधुनिक डिजाइन व गुणवत्ता मानकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान कारीगरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावसायिक उपयोग से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई टूल्स की मदद से उत्पाद डिजाइन तैयार करने, डिजिटल कंटेंट बनाने और ग्राहकों की पसंद के अनुरूप विपणन रणनीति विकसित की जा सकती है। कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा योजना के पांच लाभार्थियों के लिए मौके पर ही क्यूआर कोड भी तैयार किए गए। संवादात्मक सत्र में कारीगरों ने व्यवसाय पंजीकरण, सरकारी योजनाओं, ऋण, सब्सिडी, टूलकिट और एआई आधारित तकनीकों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ हल्द्वानी के सहायक निदेशक विनोद कुमार, संदीप प्रियदर्शी, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिरुद्ध शाह, जिला उद्योग केंद्र, इंडिया पोस्ट, रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर एवं राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय कारीगर और शिल्पकार मौजूद रहे।

