

रुद्रपुर। आवासीय प्लॉट बेचने के नाम पर अधिवक्ता से 3.61 लाख रुपये लेने और भुगतान के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराने का मामला सामने आया है। अधिवक्ता ने दो लोगों पर धोखाधड़ी, धमकी, गाली-गलौज और हाथापाई का आरोप लगाया है। पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली गई, जिसके आदेश पर ट्रांजिट कैंप पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नंद विहार कॉलोनी निवासी अधिवक्ता निखिल श्रीवास्तव ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि अक्टूबर 2023 में उनकी मुलाकात शिव कुमार बोरा से हुई थी। आरोप है कि बोरा ने खुद को सीकेजी रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड का मार्केटिंग हेड और वाइस प्रेसिडेंट बताते हुए कम कीमत में प्लॉट दिलाने की बात कही। इसके बाद वह पत्नी के साथ आवास विकास स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात कंपनी के निदेशक करुण गुप्ता से कराई गई।
अधिवक्ता के अनुसार दोनों ने ग्राम फुलसुंगा स्थित सीकेजी कुंशाश विहार कॉलोनी में कंपनी का प्लॉट बताते हुए सी-53 नंबर का 89 वर्ग गज का प्लॉट दिखाया। 1 दिसंबर 2023 को एग्रीमेंट हुआ। इसके बाद उन्होंने 11 हजार रुपये यूपीआई और 3.50 लाख रुपये चेक के माध्यम से भुगतान कर दिए। शेष रकम रजिस्ट्री के समय देने पर सहमति बनी।
आरोप है कि रजिस्ट्री का समय आने पर करुण गुप्ता ने स्वास्थ्य खराब होने की बात कहकर एग्रीमेंट की अवधि बढ़ा दी। अंतिम बार अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई गई, लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं की गई। अधिवक्ता ने पड़ताल की तो पता चला कि संबंधित प्लॉट करुण गुप्ता के बजाय सावित्री देवी के नाम दर्ज था और वर्ष 2025 में इसे पुष्कर सिंह को बेच दिया गया था।
अधिवक्ता का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें धमकाया गया और उनके साथ गाली-गलौज व हाथापाई की गई। उन्होंने 10 अगस्त को ट्रांजिट कैंप थाने और एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर ट्रांजिट कैंप पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



