

अलीगढ़। पानी की बोतल पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से महज दो रुपये ज्यादा वसूलना हाथरस के एक रेस्टोरेंट को भारी पड़ गया। अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए रेस्टोरेंट पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा पीड़ित ग्राहक को मानसिक उत्पीड़न के लिए एक हजार और कानूनी खर्च के रूप में पांच हजार रुपये, कुल छह हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
मामला 11 मार्च 2026 का है। अलीगढ़ निवासी एक ग्राहक हाथरस के रेस्टोरेंट में भोजन करने गए थे। इस दौरान उन्होंने पैकेज्ड पानी की बोतल ली, जिस पर 18 रुपये एमआरपी अंकित थी। आरोप है कि रेस्टोरेंट ने इसके लिए 20 रुपये वसूले। ग्राहक ने इस मामले में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराकर मुआवजे की मांग की। आयोग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने एकतरफा सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।
आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने बिल और बोतल की तस्वीरों सहित प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के बाद एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने को उपभोक्ता संरक्षण कानून का उल्लंघन माना। आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 39(1)(द्म) के तहत रेस्टोरेंट मालिक को एक लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का निर्देश दिया।
आदेश के अनुसार, रेस्टोरेंट प्रबंधन को 45 दिनों के भीतर जुर्माने के साथ ग्राहक को छह हजार रुपये का मुआवजा भी देना होगा। निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।





