


अल्मोड़ा। कर्नाटक खोला की रामलीला के छठे दिन पंचवटी प्रसंग, सूर्पणखा की नाक काटने, खर-दूषण वध, रावण-मारीच संवाद और सीता हरण के मंचन ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय, संवाद और गायन की दर्शकों ने सराहना की। जटायु प्रसंग ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। देश-विदेश में मौजूद लोगों ने ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से रामलीला देखी और संदेश भेजकर मंचन की प्रशंसा की। शुक्रवार रात की लीला का शुभारंभ जिलाधिकारी अंशुल सिंह, उपजिलाधिकारी संजय कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रवि रौतेला और ललित सिंह लटवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने कहा कि कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के लिए दर्शकों की अधिक से अधिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने भगवान राम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। अतिथियों ने समिति के संरक्षक एवं संयोजक बिट्टू कर्नाटक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मेहनत से भव्य कवर्ड रामलीला मंच तथा कवर्ड सीढ़ीनुमा दर्शक दीर्घा का निर्माण संभव हुआ है। राम की भूमिका कोमल जोशी, लक्ष्मण की गायत्री तिवारी, सीता की वैष्णवी जोशी, शूर्पणखा की दिव्या कांडपाल, किरन कोरंगा, दीक्षा कर्नाटक और प्रत्यक्षा मल्होत्रा ने निभाई। पूर्व मंत्री बिट्टू कर्नाटक रावण, राहुल जोशी मारीच, कमल पालीवाल खर, रजनीश कर्नाटक दूषण, अभिषेक तिवारी त्रिसरा, रिया तिवारी जोगी रावण और कृष्णा जलाल जटायु की भूमिका में रहे। कार्यक्रम का संचालन भावना मल्होत्रा ने किया। इस अवसर पर जगदीश चंद्र तिवारी, आनंद सिंह नयाल, भुवन चंद्र कर्नाटक, कपिल मल्होत्रा, दिनेश मठपाल, लीलाधर कांडपाल, पूरन चंद्र तिवारी, मथुरा दत्त कांडपाल, रमेश चंद्र जोशी, बद्री प्रसाद कर्नाटक, कमलेश कर्नाटक, कैलाश चंद्र तिवारी, जीवन चंद्र तिवारी, रोहित कार्की सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।





