
विकासनगर। पछुवादून में पशुओं में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे पशुपालक चिंतित हैं। हालांकि यहां अभी लंपी स्किन बीमारी से किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है, लेकिन अब तक सौ से अधिक पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इन्हें पशु चिकित्सा विभाग ने आइसोलेट कर दिया है। चिंता की बात यह है कि अब बीमारी जौनसार बावर में भी पांव पसार चुकी है। लंपी बीमारी पछुवादून, जौनसार बावर के पशुपालकों के लिए भी अब चिंता का विषय बन चुकी है। तीन दिन पूर्व यहां 80 पशु लंपी वायरस से ग्रसित थे। पशु चिकित्सा विभाग के सचेत होने के बावजूद बीमारी हर दिन पशुओं को अपनी चपेट में ले रही है। पशु चिकित्सालय विकासनगर से मिले आंकड़ों के अनुसार 136 दुधारु पशु इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जिनमें से 54 विकासनगर क्षेत्र में, 46 हरबर्टपुर क्षेत्र में, 20 बाड़वाला और 16 शीशमबाड़ा क्षेत्र के पशु शामिल हैं। जबकि चकराता में एक मवेशी में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है। विकासनगर के पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके गुप्ता, चकराता के पशु चिकित्साधिकारी डा. सतीश जोशी ने बताया कि सभी बीमार पशुओं को आइसोलेट कर दिया गया है। पशुपालकों को अपने अन्य पशुओं को संक्रमित पशुओं से अलग रखने की सख्त हिदायत दी गई है। सुकून की बात है कि पछुवादून में लंपी वायरस से किसी भी मवेशी की मौत नहीं हुई है। पशु चिकित्सकों ने बताया कि किसी भी मवेशी में लंपी वायरस संक्रमण के लक्षण दिखते हैं तो जल्द इसकी जानकारी मुहैया कराएं, जिससे कि बीमारी से संक्रमित मवेशियों का उपचार कर उनकी जिंदगी बचाई जा सके।

