
ऋषिकेश। 14 दिसंबर को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के दौरान नगर निगम के ठेका चालक से मारपीट के मामले ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से साथी चालकों ने दून मार्ग पर कोतवाली के सामने कूड़ा वाहन खड़े कर विरोध जताया। काफी गहमागहमी के बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता होने पर मामला शांत हुआ। शनिवार सुबह 10:30 बजे नगर निगम ऋषिकेश में कूड़ा कलेक्शन वाहन के चालक दून मार्ग पर कोतवाली पहुंचे और कोतवाली की बाउंड्रीवाल के पास कतार से कूड़ा कलेक्शन वाहन खड़े कर दिए। चालक चार दिन पहले ठेका चालक अनिल कुमार से मारपीट करने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए। नोक-झोंक के बीच पुलिस ने ठेका चालकों को बाहर खदेड़ दिया। पुलिस के रवैये से आक्रोशित ठेका चालकों ने चेताया कि जब तक आरोपितों पर कार्रवाई नहीं होगी, वह कोतवाली के सामने से न वाहन हटाएं और न खुद हटेंगे। दून मार्ग पर कूड़ा कलेक्शन वाहन खड़े होने से ट्रैफिक प्रभावित होने लगा। पुलिस ने मारपीट करने वाले पक्ष को तलब किया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। पुलिस की सख्ती पर दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। वरिष्ठ उपनिरीक्षक डीपी काला ने बताया कि दोनों पक्षों में सुलह होने के बाद मामला शांत हो गया। मौके पर पीड़ित अनिल, ठेका सुपरवाइजर शुभम ठाकुर, मंदीप, प्रशांत, कन्हैया ठाकुर, हरीश यादव, अमन, रमेश, रमेश सैनी, प्रिंस, अजय, आशु, शिवम,राहुल,पंकज मयंक, लोकेश आदि मौजूद रहे।
पूरा मामला: पीड़ित ठेका चालक अनिल ने बताया कि 14 दिसंबर सुबह करीब 11 बजे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर आदर्शनगर की तरफ से रेलवे रोड की ओर आ रहा था। इसी बीच स्कूटर सवार दो युवकों ने रास्ता रोककर वाहन को रुकवाया। जब तक वह कुछ समझ पाते युवकों ने वाहन की चाबी छिनकर अपने पास रख ली। आरोप लगाया कि चाबी वापस मांगने पर उक्त युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। वाहन मौके पर छोड़कर किसी तरह जान बचाकर भागा। लिखित शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तब आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।

