
देहरादून(आरएनएस)। मसूरी होम स्टे एसोसिएशन की एक बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए। मसूरी में किसी बाहरी व्यक्ति को होम स्टे का लाइसेंस नहीं देने दिया जाएगा।फरवरी के अंत तक शीघ्र कार्यकारणी का गठन करने पर सहमति बनी। सोमवार को मसूरी होम स्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र रावत की अध्यक्षता में बैठक लंढौर में हुई। बैठक में होम स्टे संचालकों की समस्याओं को सुना गया व कई प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में होम स्टे संचालकों ने अपनी समस्याएं व सुझाव रखे। प्रस्ताव पास किया गया कि होम स्टे का लाइसेंस की समयावधि पांच वर्ष की जाए। कार्यकारणी का चुनाव फरवरी अंत तक आम सभा की बैठक में किया जाएगा। होम स्टे का लाइसेंस बाहरी व्यक्तियों को नहीं देने दिया जाएगा व होम स्टे में कमरों की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव पास किया गया। होम स्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र रावत ने कहा कि कार्यकारिणी बनाये जाने के बाद संस्था का नवीनीकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को होम स्टे का लाइसेंस देने का कड़ा विरोध किया जाएगा। प्रदेश सरकार का निर्णय भी है कि होम स्टे योजना स्थानीय लोगों के लिए है, इसमें कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में देवी गोदियाल अध्यक्ष बनाए गए थे व तीन वर्ष के लिए चुनाव हुआ था लेकिन कोरोना होने के कारण पांच वर्ष तक वह अध्यक्ष रहे। सोशल मीडिया में कुछ टिप्पणी की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके समाधान के लिए वरिष्ठ सदस्यों को जिम्मेदारी दी गयी है ताकि संगठन मजबूती से कार्य कर सके। उन्होंने होम स्टे टैरिफ पर कहा कि जो सरकार के मानक है उससे बाहर कोई नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी माह के अंत तक कार्यकारिणी का चुनाव आम सभा में सभी की सहमति से किया जाएगा। उन्होंने होम स्टे संचालकों को भरोसा दिया कि उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा व जो सुझाव आएंगे उनका अनुपालन किया जायेगा। इस मौके पर केडी नौटियाल, जबर सिंह पंवार, अशोक सिंघल, मनोज गोयल, नवीन गोयल, अनिल रावत, अरविंद राणा, नरेश रावत, हिमांशु खरोला, राहुल असवाल, राकेश आदि मौजूद रहे।

