
अल्मोड़ा। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में खेल ढांचे का लगातार विस्तार किया जा रहा है और सरकार का फोकस अब दूरदराज के गांवों तक खेल सुविधाएं पहुंचाने पर है। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में आयोजित मकर संक्रांति क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन अवसर पर विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित करते हुए उन्होंने युवाओं से खेल को करियर के रूप में अपनाने का आह्वान किया। खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। गांवों में खेल मैदान और मिनी स्टेडियम के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनमें पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न नौकरी और सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था शामिल है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने भविष्य को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कार्यक्रम के दौरान टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले युवाओं को भी मेडल पहनाकर सम्मान दिया गया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, जिला पंचायत सदस्य पुष्पा आर्य, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, अशोक जलाल, राहुल खोलिया और गणेश अधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के कंडारकुआं मंडल अंतर्गत दीपाधार मंदिर प्रांगण में आसपास के 17 गांवों के युवक मंगल दलों और क्रिकेट खेलने वाले युवाओं को क्रिकेट किट वितरित की गई। इस अवसर पर रेखा आर्या ने कहा कि खेलकूद से जुड़ने से न केवल नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, बल्कि युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास योजनाएं पहुंचा रही है और सोमेश्वर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में विकास कार्य कराए गए हैं। कार्यक्रम में भुवन जोशी, हरीश परिहार, गोपाल सती, भुवन फर्त्याल, दीवान नेगी, जानकी, गोपाल राम, त्रिलोक सिंह रावत, भूपाल परिहार, धन सिंह रावत, तारा सिंह परिहार और विशन सिंह कन्वाल सहित अनेक स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


