
देहरादून। उत्तराखंड में पशुओं में फैल रहे लंपी त्वचा रोग (एलएसडी) के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने गाय और भैंस के अंतरराज्यीय तथा अंतरजनपदीय परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही प्रदेश के 102 गोसदनों को निराश्रित गोवंश के लिए क्वारंटीन सेंटर के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में गोवंशीय पशुओं में लंपी त्वचा रोग के लक्षण मिलने के बाद सरकार ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। पशुपालन विभाग ने एडवाइजरी जारी करने के साथ ही निदेशालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है तथा सभी जिलों में विभागीय टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि संक्रमित पशुओं के आवागमन के माध्यम से बीमारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को परिवहन प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने और प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने प्रदेश में सड़कों पर घूम रहे 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर ने बताया कि राज्य में पंजीकृत 102 गोसदनों का उपयोग निराश्रित गोवंश के लिए क्वारंटीन सेंटर के रूप में किया जाएगा, ताकि संक्रमण के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।


