
अल्मोड़ा। लघु सिंचाई विभाग उत्तराखंड की ओर से मंगलवार को विकास भवन अल्मोड़ा के सभागार में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सातवीं लघु सिंचाई, द्वितीय जल निकाय, प्रथम वृहद एवं मध्यम सिंचाई तथा प्रथम स्प्रिंग (जल स्रोत) संगणना कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान बताया गया कि यह संगणना कार्य जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है, जिसमें होने वाला शत-प्रतिशत व्यय केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। संगणना कार्य को मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे एकत्र किए गए आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि वर्तमान संगणना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लघु सिंचाई योजनाएं, जल निकाय और स्प्रिंग स्रोतों को शामिल किया गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में जल निकाय और स्प्रिंग स्रोतों का सर्वे किया जाएगा। राज्य स्तर पर कुल 17 हजार 334 ग्रामों में लगभग 90 हजार 464 लघु सिंचाई योजनाओं, 3 हजार 96 जल निकायों तथा अनुमानित 50 हजार से 80 हजार स्प्रिंग स्रोतों के सर्वेक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संगणना कार्य के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति और जिला स्तरीय उप-समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से नमूना जांच की व्यवस्था भी लागू की गई है। कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी एस. के. पंत, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई जी. डी. सिंह सहित वन, जल संस्थान, पेयजल, पंचायत, कृषि, उद्यान और सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।


