
अल्मोड़ा। कुमाउनी साहित्यकार महेन्द्र ठकुराठी को नेपाल के कंचनपुर में आयोजित गुगुल्डि वाङ्मय प्रतिष्ठान के 29वें वार्षिकोत्सव में प्रतिष्ठित दिलानंद-देवकी पंत डोटी रत्न पुरस्कार-2082 से सम्मानित किया गया। उन्हें क्षेत्रीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। महेन्द्रनगर स्थित कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ सभागार में आयोजित समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ नेपाली साहित्यकार वीर बहादुर चंद ‘विश्राम’ ने की, जबकि मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णदत्त चटौत ‘कांत’ रहे। कार्यक्रम में पूर्व संविधान सभा सदस्य आनंदी पंत, सुदूर पश्चिम प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व डीन डॉ. टेकराज पंत, प्रो. प्रजापति नेगी सहित कई साहित्यकार मौजूद रहे। इस अवसर पर वीर बहादुर चंद की पुस्तक ‘लोली गमरा’ तथा युवा साहित्यकार एन.आर. भट्ट के उपन्यास ‘खाम’ का विमोचन भी किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न साहित्यकारों और रचनाकारों को भी अलग-अलग सम्मान प्रदान किए गए। सम्मानित रचनाकारों को अंगवस्त्र, नकद धनराशि और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में महेन्द्र ठकुराठी सहित 18 रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि कृष्णदत्त चटौत ‘कांत’ ने क्षेत्रीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में गुगुल्डि वाङ्मय प्रतिष्ठान के योगदान की सराहना करते हुए युवा पीढ़ी से भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वहीं डॉ. टेकराज पंत ने पत्रिका के 29 वर्षों के सफल प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में प्रतिष्ठान के सचिव एवं ‘गुगुल्डि’ के संपादक जगदीश ओझा ‘आत्रेय’ ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।


