Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • किसी लडक़े के साथ होटल जाने का अर्थ ये नहीं कि महिला यौन संबंध के लिए तैयार है : हाईकोर्ट
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

किसी लडक़े के साथ होटल जाने का अर्थ ये नहीं कि महिला यौन संबंध के लिए तैयार है : हाईकोर्ट

RNS INDIA NEWS 11/11/2024
rns featured image new

मुंबई (आरएनएस)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी महिला का किसी पुरुष के साथ होटल के कमरे में जाना यह नहीं दर्शाता कि उसने यौन संबंध के लिए सहमति दे दी है। गोवा बेंच ने एक बलात्कार मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए यह फैसला सुनाया है। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बरी करते हुए तर्क दिया था कि महिला स्वेच्छा से कमरे में गई थी, इसलिए उसने यौन संबंध के लिए सहमति दे दी थी।
मार्च 2020 में, आरोपी गुलशेर अहमद ने पीडि़ता को विदेश में नौकरी देने का झांसा देकर होटल के कमरे में बुलाया था। दोनों ने मिलकर ही कमरा बुक किया था। पीडि़ता का आरोप है कि आरोपी ने कमरे में उसके साथ मारपीट की और बलात्कार किया। जस्टिस भरत पी देशपांडे की बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पीडि़ता के बयान को सही ढंग से नहीं समझा। कोर्ट ने कहा कि कमरे में जाना और यौन संबंध के लिए सहमति देना दो अलग-अलग चीजें हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि होटल के कर्मचारियों के बयान पीडि़ता के बयान से मेल खाते हैं। कोर्ट ने आरोपी के दावे को खारिज कर दिया कि पीडि़ता ने स्वेच्छा से यौन संबंध के लिए सहमति दी थी। यह फैसला बलात्कार के मामलों में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह फैसला स्पष्ट करता है कि किसी महिला की सहमति के लिए उसकी हर हरकत को आधार नहीं बनाया जा सकता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: बदमाशों ने स्कूटी सवार से नगदी व मोबाइल लूटा
Next: करणी सेना का ऐलान : अनमोल बिश्नोई पर एक करोड़, तो गोल्डी बरार को मारने पर 51 लाख रुपये

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

अखबार में खाना परोसने पर होगी कार्रवाई, खाद्य कारोबारियों को चेतावनी

RNS INDIA NEWS 07/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सीजेआई ने पांच नए जजों को दिलाई शपथ, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या हुई 37

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये, पांच रुपये में मछली-चावल

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 12 जून
  • नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
  • युवती को ब्लैकमेल कर धमकी देने के आरोपी पर केस
  • जनता के विश्वास की जीत है नरेंद्रनगर का जनादेश, 50 सीटों के साथ लौटेगी भाजपा: सुबोध उनियाल
  • हिंदुत्व की रक्षा के लिए तीन बच्चे पैदा करें: तोगड़िया
  • यूकेएसएसएससी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, निष्पक्ष संचालन के दिए निर्देश
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.