
रुद्रपुर(आरएनएस)। श्रम प्रवर्तन अधिकारी की जांच में बाल श्रम कानून के उल्लंघन की पुष्टि होने पर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। किशोर को काम पर रखने और काम के दौरान उसके दाहिने हाथ के चोटिल होने की शिकायत मिलने पर श्रम विभाग ने बुधवार को जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि किच्छा बाईपास रोड स्थित मैसर्स अग्रवाल फ्लेक्सिवल पैकेजिंग फैक्ट्री में किशोर श्रमिक को नियोजित किए जाने और कार्य के दौरान दुर्घटना में उसके घायल होने का मामला संज्ञान में आया था। इसके बाद मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच टीम ने किशोर श्रमिक और उसके माता-पिता के बयान दर्ज किए और फैक्ट्री का निरीक्षण किया। जांच में किशोर की उम्र 16 वर्ष पाई गई, जो फैक्ट्री में हेल्पर के पद पर कार्यरत था। पीड़ित और उसके परिजनों ने बताया कि काम के दौरान उसका दाहिना हाथ लैमिनेशन मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना 20 फरवरी को हुई थी। निरीक्षण के दौरान डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स, चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच में पाया गया कि कारखाना स्वामी द्वारा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम का उल्लंघन किया गया है, जो दंडनीय अपराध है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने फैक्ट्री के सेवायोजक प्रिंस मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल सुंदरम शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

