
बागेश्वर(आरएनएस)। कपकोट डिग्री कॉलेज में नामांकन पत्रों की जांच को लेकर उपजा विवाद शनिवार देर रात तक चलता रहा। छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। रात करीब साढ़े 11 बजे तहसीलदार नितीशा आर्या और कॉलेज प्रशासन की छात्रों के साथ लंबी वार्ता हुई। प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया, जिसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया। पुलिस ने कॉलेज कर्मचारियों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया। शनिवार शाम चार बजे कॉलेज प्रशासन ने नामांकन पत्रों की जांच के बाद सूची सूचना पट पर चस्पा की और कमरे में चला गया। सूची देखने के बाद अभाविप कार्यकर्ता भड़क गए।छात्रसंघ अध्यक्ष मुकुल शाही और अभाविप के चुनाव प्रभारी प्रकाश चंद्र के नेतृत्व में छात्र कॉलेज के बाहर एकत्र हो गए और मुख्य गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर प्राचार्य डॉ. मधुलिका पाठक ने जिलाधिकारी और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के नामांकन पत्र में गड़बड़ी हुई है। उनका कहना था कि कॉलेज के रिकॉर्ड में केवल दो फार्म बिके हैं, जबकि तीसरा फार्म कहां से आया, इसका जवाब कॉलेज प्रशासन को देना चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्र देर रात तक धरने पर बैठे रहे। वार्ता के दौरान कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे और 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान किया जाएगा। आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए और अपने घरों को लौट गए। प्राचार्य डॉ. मधुलिका पाठक ने बताया कि छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है।
