Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • कंगना रनौत ने विक्रमादित्य को हराया, 74 हजार से ज्यादा वोटों से जीती मंडी सीट
  • मण्‍डी
  • राष्ट्रीय
  • हिमाचल प्रदेश

कंगना रनौत ने विक्रमादित्य को हराया, 74 हजार से ज्यादा वोटों से जीती मंडी सीट

RNS INDIA NEWS 04/06/2024
rns featured image new

लोकसभा चुनाव परिणाम 2024

मंडी (हिमाचल प्रदेश) (आरएनएस)। बॉलीवुड की क्वीन और भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत ने मंगलवार को मंडी संसदीय क्षेत्र में पूर्व राजपरिवार के वंशज तथा कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ 74 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है।
कंगना को 5,37,022 मत मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे सिंह को 4,62,267 मद मिले हैं।
राज्य के सबसे कठिन और लगभग दो-तिहाई क्षेत्र को कवर करने वाले इस विशाल निर्वाचन क्षेत्र में विरासत और स्टारडम के बीच टकराव देखने को मिला।
इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले प्रतिभा सिंह करती थीं, जो विक्रमादित्य की मां हैं। वह मंडी से तीन बार सांसद रह चुकी हैं। इस परिवार का तत्कालीन क्योंथल राज्य के शाही परिवार से संबंध हैं।
उन्होंने फिर से मैदान में उतरने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विक्रमादित्य के नाम का प्रस्ताव रखा था क्योंकि उनका मानना था कि वह युवा, ऊर्जावान और अच्छे वक्ता हैं, जिनका युवाओं पर प्रभाव है और वह कंगना के लिए एक अच्छी चुनौती पेश करेंगे।
मंडी में एक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की आकांक्षाओं और महिला सशक्तीकरण के महत्व के बारे में बात की।
उन्होंने कहा, कांग्रेस अभी 21वीं सदी में नहीं पहुंची है। लोग प्रगति कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस विपरीत दिशा में बढ़ रही है। यह 20वीं सदी की ओर वापस जा रही है। कांग्रेस का शाही परिवार बेटियों के सख्त खिलाफ है। पूरी कांग्रेस घोर महिला विरोधी है। लेकिन हिमाचल में मेरे परिवार के लिए, मेरी बात ध्यान से सुनो और अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दो।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने बताया कि पहाड़ी राज्य से ताल्लुक रखने वाली कंगना को काफी हद तक अपने समृद्ध पारिवारिक राजनीतिक विरासत पर निर्भर विक्रमादित्य पर बढ़त है, क्योंकि उन्होंने काफी पहले ही चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। प्रचार के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच वाक्-युद्ध भी हुआ जो व्यक्तिगत हो गया, जैसे छोटा पप्पू और बीफ खाने वाला।
दो बार के विधायक विक्रमादित्य (35) जिन्होंने 37 वर्षीय कंगना को अपनी बड़ी बहन बताया, सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री हैं, जबकि कंगना ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की है।
मंडी से राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति और भाजपा नेता जय राम ठाकुर का गृह जिला है। अधिकांश चुनावी सभाओं और प्रचार के दौरान वह कंगना के साथ ही थे।
ठाकुर, जिन्होंने 1998 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और तब से लगातार सभी छह विधानसभा चुनावों में भारी अंतर से जीत हासिल की, 2013 में मंडी संसदीय उपचुनाव में वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह से 1.36 लाख वोटों से हार गए थे।
कंगना हमीरपुर शहर के पास भांबला गांव की रहने वाली हैं, जो राज्य की राजधानी शिमला से करीब 200 किलोमीटर दूर है।
मनाली के खूबसूरत पर्यटन स्थल में उनका एक कॉटेज है, जो मंडी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।
अपनी चुनावी सभाओं में, पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर, जिनका ध्यान मंडी सीट पर जीत सुनिश्चित करने पर था, ने कई बार कहा, कंगना मंडी की बेटी हैं, जिसे छोटी काशी कहा जाता है। उन्होंने फिल्म उद्योग में हिमाचल और मंडी का नाम रोशन किया है।
ऐतिहासिक रूप से, मंडी निर्वाचन क्षेत्र ने पूर्ववर्ती रियासतों के वंशजों का समर्थन किया है, जिसने 1952 से दो उपचुनावों सहित 19 में से 13 चुनावों में राजाओं को चुना है।
राम स्वरूप शर्मा की मृत्यु के कारण आवश्यक 2021 के मंडी उपचुनाव में, भाजपा ने ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर (सेवानिवृत्त) को खड़ा किया था, जो एक सम्मानित अधिकारी थे, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन अपने पति वीरभद्र सिंह के निधन के बाद सहानुभूति लहर में प्रतिभा सिंह की जीत हुई।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से मनोज तिवारी जीते, कांग्रेस के कन्हैया कुमार को दी शिकस्त
Next: बारामूला से उमर अब्दुल्ला को मिली हार, निर्दलीय प्रत्याशी ने दी मात

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

अखबार में खाना परोसने पर होगी कार्रवाई, खाद्य कारोबारियों को चेतावनी

RNS INDIA NEWS 07/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

सीजेआई ने पांच नए जजों को दिलाई शपथ, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या हुई 37

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी घोषणाएं; महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपये, पांच रुपये में मछली-चावल

RNS INDIA NEWS 27/05/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 11 जून
  • हरिद्वार नगर निगम घोटाले में कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई की मांग
  • मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बहाल करने को कांग्रेस का धरना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध
  • मोहान-गनियाद्योली मोटर मार्ग के सुधारीकरण को मिली प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति
  • रिजॉर्ट की छत पर दिखा गुलदार, लोगों में दहशत
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.