Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • पूर्व सीएम हरीश रावत ने की सेल्फ-इम्पोज्ड कर्फ्यू की वकालत
  • देहरादून

पूर्व सीएम हरीश रावत ने की सेल्फ-इम्पोज्ड कर्फ्यू की वकालत

RNS INDIA NEWS 27/04/2021
16 (12)

सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होते हैं, जब तक उसमें जन सहभागिता ना हो

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सरकार की तरफ से लगाए गए लॉकडाउन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की ओर से कोरोना की रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयास तब तक पर्याप्त नहीं होते जब तक उसमें जन सहभागिता ना हो। ऐसे में यह संभव है कि हम अगले 15-20 दिन अपने घरों में ही रहकर सेल्फ इम्पोज्ड कर्फ्यू का पालन करें। ताकि इन 15-20 दिनों में सरकार, चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ आगामी चुनौती का मुकाबला करने को तैयार हो सकें। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप से मैं भले ही बच गया, लेकिन इससे इतना कमजोर हो गया कि मैं उन सहस्रों युवाओं के लिए चिंतित हूं जो कोरोना से संघर्ष कर बाहर आ रहे हैं। वह देश की पूंजी हैं और पूंजी कमजोर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड छोटे राज्यों में शुमार है। इसलिए हमारे संसाधन और कोरोना जैसी बीमारियों से लडऩे के लिए ढांचागत सुविधाएं बहुत कम हैं। सरकार ने कुछ कदम उठाते हुए लॉकडाउन लगाने का निर्णय भी लिया है। लेकिन सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होते हैं, जब तक उसमें जन सहभागिता ना शामिल हो। .इसके साथ ही सरकार भी अपने संसाधनों को जुटाकर चुनौती का मुकाबला कर सके। उन्होंने इस संकट की घड़ी में व्यापारी संगठनों से भी आग्रह किया है कि जितने मुनाफे को उचित मानते हैं व्यापार संगठन एक स्व-नियंत्रण, स्वास्थ्य शासन लागू करें ताकि सामान्य व्यक्ति पर कोरोना और महंगाई की दोहरी मार ना पड़ सके। क्योंकि दुर्भाग्य से यदि परिवार का कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में आ रहा है तो उस परिवार का जीवन केवल भगवान के सहारे ही हो रहा है। पर्वतीय जिलों के हालातों पर भी उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वहां स्थिति गंभीर है। क्योंकि देश के दूसरे हिस्सों में जहां-जहां लॉकडाउन लगा है वहां से बहुत सारे लोग फिर गांव की ओर आ सकते हैं। जिससे बाद में चुनौतियां और बढ़ जाएंगी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: पत्नी की मौत के तीन दिन में ही हेड कांस्टेबल की भी गई कोरोना से जान
Next: कोरोना कर्फ्यू : पुलिस कप्तान और एसपी ने किया क्षेत्र का औचक निरीक्षण

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

सात जिलों में नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती, डॉ. योगेश पुरोहित बने अल्मोड़ा के सीएमओ

RNS INDIA NEWS 03/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की शिष्टाचार भेंट

RNS INDIA NEWS 02/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

आयुष्मान से इलाज फर्जीवाड़े में जीजा-साले पर मुकदमा

RNS INDIA NEWS 01/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 04 जून
  • टहलने निकले अधेड़ की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत
  • विश्व पर्यावरण दिवस पर चलेगा ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान
  • छात्रसंघ पदाधिकारियों ने यूजेवीएनएल के ईई पर लगाया अभद्रता का आरोप
  • 15 जून तक चलेगा जल उत्सव पखवाड़ा, ग्राम स्तर पर होंगे जल संरक्षण कार्यक्रम
  • विद्यालयों में योग शिविरों के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति किया जा रहा जागरूक
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.