
भराड़ीसैंण / चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए जीवाईएएन (ज्ञान) मॉडल को सरकार की प्रमुख नीति बताया। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। इसी उद्देश्य से बजट में सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, कृषि और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
गरीबों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 298.35 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 56.12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास के लिए 25 करोड़ रुपये, परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 42 करोड़ रुपये तथा रसोई गैस अनुदान के लिए 43.03 करोड़ रुपये रखे गए हैं। दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 167.05 करोड़ रुपये तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान भी बजट में शामिल किया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये, पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता के लिए 155.38 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये, मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये, दुग्ध उत्पादकों के लिए 32 करोड़ रुपये तथा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 42.50 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 160.13 करोड़ रुपये, मिलेट मिशन के लिए 12 करोड़ रुपये और किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा महिला और बाल पोषण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए भी बजट में धनराशि रखी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान मॉडल के माध्यम से गरीबों के उत्थान, युवाओं के सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि और महिलाओं के आर्थिक व सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी तथा उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।


