
देहरादून। शिक्षा विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने के मामले में कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में तैनात एक सहायक अध्यापिका की सेवा समाप्त कर दी है।
जानकारी के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम में तैनात सहायक अध्यापिका पर अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर नियुक्ति पाने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें प्रस्तुत प्रमाणपत्र कूटरचित पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) स्तर से कार्रवाई करते हुए संबंधित अध्यापिका की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
अधिकारियों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग और फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल ने कहा कि पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई आवश्यक है और अन्य मामलों की भी जांच कराई जाएगी।


