Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • एक साल में पांचवीं बार हादसे का शिकार हुआ मिग-21
  • राष्ट्रीय

एक साल में पांचवीं बार हादसे का शिकार हुआ मिग-21

RNS INDIA NEWS 26/12/2021
default featured image

नई दिल्ली (आरएनएस)। भारतीय वायु सेना का एक मिग-21 बाइसन शुक्रवार शाम राजस्थान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस साल बाइसन से जुड़ी यह पांचवीं दुर्घटना है। वायु सेना ने बताया है कि दुर्घटना में पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा की मौत हो गई है। वायुसेना के मुताबिक यह विमान बीती शाम करीब 8 बजे के आसपास पश्चिमी सेक्टर में हादसे का शिकार हो गया। भारतीय वायुसेना ने घटना की जांच के आदेश भी दे दिए हैं। यह विमान इतनी बार हादसे का शिकार हो चुका है कि इसे उड़ता ताबूत भी कहा जाने लगा है।
दुर्घटना ने एक बार फिर भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले लड़ाकू विमान, इसके सुरक्षा रिकॉर्ड और आने वाले सालों में पुराने जेट को नए के साथ बदलने की भारतीय वायुसेना की योजना पर ध्यान केंद्रित किया है। बाइसन विमान भारतीय वायुसेना मिग-21 का लेटेस्ट वैरिएंट है। वैसे तो इन विमानों को सेना से रिटायर करने का प्रस्ताव दे दिया गया था लेकिन विमानों के आभाव के कारण ऐसा नहीं हुआ। लेकिन अब माना जा रहा है कि अगले तीन से चार सालों में इनको वायुसेना से हटा दिया जाएगा।
भारतीय वायु सेना फिलहाल मिग -21 बाइसन विमान के चार स्चड्रन को संचालित कर रहा है। इसमें एक स्चड्रन में 16 से 18 फाइटर जेट रहते हैं। मिग-21 भारत में बहुत पहले से अपनी सेवा दे रहा है। साल 1963 में वायु सेना को सोवियत संघ (रूस) से सिंगल-इंजन वाला मिग-21 विमान मिला था। वायुसेना में शामिल किए 874 मिग विमानों के वैरिएंट में से 60 फीसदी भारत में तैयार किए गए।
पिछले छह दशकों में 400 से अधिक मिक-21 दुर्घटना के शिकार हुए हैं और इसमें 200 से अधिक पायलटों की जान गई है। मिग-21 को फ्लाइंग कॉफिन भी कहा जाता है। विशेषज्ञों की माने तो बाकी लड़ाकू विमानों की तुलना में मिग-21 अधिक हादसे का शिकार हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह काफी लंबे समय से वायुसेना का हिस्सा हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: बेटे के पैरोल के इंतजार में चार दिनों से मोर्चरी में पड़ा है पिता का शव
Next: गोवा में ममता को झटका, पूर्व एमएलए सहित 5 नेताओं ने छोड़ी टीएमसी

Related Post

default featured image
  • राष्ट्रीय

साल में पांच बार यातायात नियम तोड़े तो तीन महीने के लिए निलंबित हो सकता है लाइसेंस

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0
default featured image
  • राष्ट्रीय

कलयुगी मां की हैवानियत : पति के देर से घर आने पर हुआ झगड़ा, गुस्से में अपनी ही बेटी की कर दी हत्या

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0
WhatsApp Image 2026-01-22 at 20.44.06
  • उत्तराखंड
  • राष्ट्रीय
  • हरिद्वार

भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान: गृहमंत्री अमित शाह

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 27 जनवरी
  • पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस पर भव्य परेड, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा रहे मुख्य अतिथि
  • मौसम अलर्ट के चलते अल्मोड़ा में 27 जनवरी को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
  • जीआईसी लोधिया में गणतंत्र दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
  • वन पंचायत प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य पर वरिष्ठ वन दरोगा जीवन कांडपाल सम्मानित
  • कांग्रेस कार्यालय में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.