दून के म्यूनिसिपल कमिश्नर और डीएम को अवमानना नोटिस

नैनीताल। हाईकोर्ट ने पूर्व के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर देहरादून के परेड ग्राउंड एवं तिब्बती मार्केट के सामने लगने वाले संडे बाजार के मामले में सुनवाई करते हुए म्यूनिसिपल कमिश्नर सुशील पांडे व जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव को अवमानना नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कारण सहित जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ में हुई। देहरादून की साप्ताहिक संडे मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हीरालाल ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि वे देहरादून के परेड ग्राउंड के पीछे और तिब्बती मार्केट के सामने 2004 से प्रत्येक रविवार को बाजार लगाते आ रहे हैं। इसमें करीब तीन सौ से अधिक लोग दुकान लगाते हैं। इसके एवज में वह नगर निगम को हर माह तीन सौ रुपये किराया भी देते आए हैं। 2004 में तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से उन्हें यह जगह संडे बाजार लगाने के लिए दी गई थी। लेकिन नगर निगम द्वारा प्रशासन से मिलकर जनहित याचिका में पारित आदेश का हवाला देते हुए उनको वहां से हटा दिया गया है। आरोप है कि कुछ ऊंची पहुंच वाले लोगों को निगम द्वारा अन्य जगह दुकान भी आवंटित कर दी गई। याचिका में यह भी कहा गया है कि संडे को पूरा बाजार बंद रहता है और ट्रैफिक भी कम रहता है, इसलिए वे संडे को परेड ग्राउंड के पीछे और तिब्बती बाजार के सामने दुकानें लगाते हैं। खुद ही वहां पर साफ-सफाई भी करते आए हैं। संडे बाजार लगाने से गरीब लोगों को सस्ते में सामान मिल जाता है। इससे कई लोगों का रोजगार भी जुड़ा है। वह महीने में मात्र चार दिन दुकान लगाते हैं। उनका यह भी कहना है कि उनकी समिति के नाम से एक अन्य समिति फर्जी तौर पर नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही है, जिसकी जांच कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पूर्व में हाइकोर्ट की खंडपीठ ने उनकी संबंधित याचिका पर आदेश दिए थे कि एसोसिएशन के प्रत्यावेदन को नगर निगम व जिलाधिकारी दो माह में निस्तारित करें। साथ ही कहा था कि यह भी जांच की जाए कि सही कमेटी कौन सी है, लेकिन अभी तक उनके प्रत्यावेदन पर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने म्यूनिसिपल कमिश्नर सुशील पांडे व जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव को अवमानना नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कारण सहित जवाब मांगा है।

शेयर करें..