
अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, अल्मोड़ा में एससीईआरटी उत्तराखंड देहरादून के तत्वावधान में ‘उत्तरा मॉड्यूल’ आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 10 से 14 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जनपद के सभी विकासखंडों के मास्टर ट्रेनर और हवालबाग विकासखंड के कोलोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां भाग ले रही हैं। कार्यशाला का उद्घाटन डायट के प्राचार्य ललित मोहन पांडे और महेंद्र सिंह भंडारी ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन सत्र में प्राचार्य ललित मोहन पांडे ने कहा कि एससीईआरटी द्वारा तैयार ‘उत्तरा मॉड्यूल’ कोलोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिका कक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी, रोचक और ज्ञानवर्धक है। कार्यशाला समन्वयक रमेश सिंह रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2025-26 के अंतर्गत अल्मोड़ा जनपद में 12 मास्टर ट्रेनरों और 200 आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को यह प्रशिक्षण दिया जाना है। वर्तमान में संस्थान में 12 मास्टर ट्रेनर और हवालबाग विकासखंड की 20 आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि शेष कार्यकर्तियों को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। कार्यशाला में महेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के अनुरूप बालवाटिका शिक्षण को मजबूत करेगा। प्रथम सत्र में डॉ. हेमलता धामी ने ईसीसीई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर व्याख्यान दिया, जबकि अन्य सत्रों में पाठ्यचर्या और खेल आधारित शिक्षण पर जानकारी दी गई। कार्यशाला में गोपाल सिंह रावत, अनिल कांडपाल, अनीता टम्टा, दमयंती धर्मसत्तू, डिम्पल वर्मा, बसंती भोज, सतरूपा बिष्ट, रेनू आर्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्तियां उपस्थित रहीं।

