Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • धामी के सामने जीत के साथ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के रिकॉर्ड तोड़ने की भी होगी चुनौती
  • उत्तराखंड
  • चम्पावत
  • देहरादून

धामी के सामने जीत के साथ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के रिकॉर्ड तोड़ने की भी होगी चुनौती

RNS INDIA NEWS 08/05/2022
default featured image

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने चम्पावत उप चुनाव में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड तोड़ने की भी चुनौती होगी । प्रदेश में पूर्व में चार मुख्यमंत्री उपचुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड विजय बहुगुणा के नाम है, जबकि सबसे कम अंतर से एनडी तिवारी जीते थे।
सबसे पहले उपचुनाव 2002 में रामनगर में हुआ था, तब यहां एनडी तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी दीवान सिंह बिष्ट को 4915 मतों से हराया था। दूसरा उपचुनाव धुमाकोट में तत्कालीन सीएम बीसी ने लड़ा था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह नेगी को 14171 मतों से परास्त किया था।
इसके बाद सीएम का तीसरा उपचुनाव सितारगंज में हुआ, जिसमें विजय बहुगुणा ने तब भाजपा प्रत्याशी प्रकाश पंत को 39,900 मतों से परास्त किया था। जबकि 2014 में हरीश रावत ने धारचूला में 19000 मतों से जीत दर्ज की थी। इस तरह सीएम रहते हुए सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड विजय बहुगुणा के नाम है।

उपचुनाव के बाद फिर नहीं लड़ा चुनाव
सीएम उपचुनाव के कारण कुछ समय के लिए संबंधित सीट वीआईपी का दर्जा तो हासिल कर लेती है, लेकिन बाद में जीते हुए सीएम इस सीट पर चुनाव लड़ने नहीं गए। एनडी तिवारी ने 2002 में रामनगर में उपचुनाव लड़ा था, लेकिन इसके बाद तिवारी ने चुनावी राजनीति से ही तौबा कर ली।
2007 में बीसी खंडूडी ने धुमाकोट का रुख किया तो इसके बाद परिसीमन में धुमाकोट सीट ही खत्म हो गई। 2012 में विजय बहुगुणा सितारगंज से जीते, लेकिन इसके बाद बहुगुणा भी चुनावी राजनीति से बाहर ही हैं। हालांकि यहां से उनके बेटे सौरभ लगातार दूसरी बार के विधायक हैं। इसी तरह 2014 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने धारचूला से उपचुनाव लड़ा, लेकिन 2017 के आम चुनाव में हरीश रावत ने धारचूला के बजाय हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा का चयन किया।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: तीन जिलों में बदला पुलिस भर्ती का शेड्यूल, अब 15 मई को नहीं बल्कि इस दिन होगी परीक्षा
Next: आदमखोर बाघ के आगे गुजरात से आए विशेषज्ञों की टीम भी उत्तराखंड में फेल

Related Post

default featured image
  • देहरादून

यमकेश्वर विधायक के खिलाफ सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
default featured image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण, पद्म पुरस्कारों की घोषणा

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
Dhami pic new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है: सीएम धामी

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 27 जनवरी
  • पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस पर भव्य परेड, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा रहे मुख्य अतिथि
  • मौसम अलर्ट के चलते अल्मोड़ा में 27 जनवरी को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
  • जीआईसी लोधिया में गणतंत्र दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
  • वन पंचायत प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य पर वरिष्ठ वन दरोगा जीवन कांडपाल सम्मानित
  • कांग्रेस कार्यालय में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.