
देहरादून(आरएनएस)। उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध नियंत्रण, पीड़ित सहायता और तकनीक आधारित पुलिसिंग में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय से हाल ही में आयोजित ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक की रिपोर्ट में साइबर अपराध प्रबंधन के मामले में उत्तराखंड ने देशभर के शीर्ष पांच राज्यों में अपनी जगह पक्की की है। यह रैंकिंग गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर ने 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक के प्रदर्शन पर जारी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस विभाग को बधाई देते हुए इसे राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का परिणाम बताया। वहीं, डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि यह उपलब्धि एसटीएफ और सभी संबंधित इकाइयों के तकनीक आधारित और समन्वित प्रयासों का सुफल है।राज्य को यह मुकाम कई अहम मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण मिला है। इनमें स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना, ई-जीरो एफआईआर का पंजीकरण और मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के जरिए साइबर ठगी के शिकार लोगों की करोड़ों की रकम वापस दिलाना प्रमुख है। इसके साथ ही, पुलिस ने म्यूल बैंक खातों पर कार्रवाई कर संगठित अपराध की कमर तोड़ी है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्य में 24×7 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 काम कर रही है। किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर नागरिक तुरंत 1930 पर कॉल कर सकते हैं या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।
