
उत्तरकाशी(आरएनएस)। परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी की शिकायतों का श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन ने जल्द समाधान करेगा। विवि के अधिकारियों का कहना है कि रिजल्ट में हुई त्रुटियों का समाधान किया जाएगा। विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. हेमंत बिष्ट ने कहा कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा परिणामों से जुड़ी हर शिकायत का गंभीरता से समाधान किया जा रहा है। मूल्यांकन प्रक्रिया में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित परीक्षकों और कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार, अगस्तमुनि, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, जोशीमठ और ऋषिकेश परिसर समेत कई महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विवि की ओर से हाल में जारी परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाए है। छात्रों का आरोप है कि कार्बनिक रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र, नॉन कॉर्डेट जंतु विज्ञान, अंग्रेजी व अन्य कई विषयों में उन्हें शून्य या एक अंक तक दिए गए, जबकि उन्होंने प्रश्नपत्र सही तरीके से हल किए थे। मूल्यांकन कार्य में गड़बड़ी के विरोध में छात्र-छात्राएं आंदोलनरत है। छात्र संगठनों का कहना है कि 75 में से 25 अंक न्यूनतम उत्तीर्णांक होने के बावजूद कई छात्रों को 24 अंक देकर अनुत्तीर्ण घोषित किया गया जिससे महज एक अंक से सैकड़ों छात्र फेल हो गए। छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कई तरह की सवाल उठाए है।
पोखरी महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष आकाश चमोला, पूर्व अध्यक्ष अंशुल भंडारी व अन्य छात्रों ने विवि प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर के परिणामों में सुधार करने की मांग की है। उनका कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में जल्दबाजी और लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में छात्र अनुत्तीर्ण हुए है। विवि के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. बिष्ट का कहना है कि विवि सभी शिकायतों पर गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे सीधे विश्वविद्यालय या अपने-अपने कॉलेज के माध्यम से प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें। हर शिकायत की जांच कर निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाएगा।

