
देहरादून। मुख्यमंत्री के जोशीमठ दौरे के दौरान भाकपा (माले) की राज्य कमेटी के सदस्य एवं पर्यावरण कार्यकर्ता अतुल सती के घर के आगे पुलिस और इंटेलिजेंस का पहरा बैठाए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने इसकी निंदा की है। इसे लोकतांत्रिक एवं तानाशाहीपूर्ण कार्यवाही बताया है। भाकपा (माले) के गढ़वाल सचिव इन्द्रेश मैखुरी बयान जारी कर कहा कि कॉमरेड अतुल सती जोशीमठ क्षेत्र में जन सरोकारों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हैं। लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री के सामने राजीव गांधी अभिनव विद्यालय के सुचारु संचालन की बात रखना चाहते थे। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल मिलने पर जिला प्रशासन ने शर्त रखी थी कि अतुल सती उसमें शामिल नहीं होंगे। अतुल सती ने हेलंग की महिलाओं की आवाज उठाई। आंदोलन में उनकी भूमिका अग्रणी भूमिका रही। चमोली जिला प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि किस कानून के तहत कॉमरेड अतुल सती के घर के बाहर पुलिस और इंटेलिजेंस का पहरा बैठाया गया। क्या यह विपक्ष की आवाज और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना चाहते नहीं हैं। सीएम से मांग उठाई कि लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलने का षड्यंत्र रचने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

