
रुडकी। मोहम्मदपुर बुजुर्ग के 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पांच महीने बाद एक युवती सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवक 18 मार्च को घर से लापता हुआ था। बाद में उसका क्षत विक्षत शव बलियाखेड़ी (सहारनपुर) में रेलवे ट्रैक पर मिला था। लक्सर कोतवाली के मोहम्मदपुर बुजुर्ग गांव निवासी बाबूराम का बेटा प्रमोद कुमार उर्फ पीके 18 मार्च को पास के गांव डौसनी जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन उसे तलाश कर रहे थे। इस दौरान पीके का क्षत विक्षत शव सहारनपुर जिले के बलियाखेड़ी में रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। परिजन तभी से पीके की मौत को हत्या बताते हुए पुलिस के चक्कर काट रहे थे। उनका आरोप था कि पीके के गांव की ही युवती से प्रेम संबंध थे। युवती शादी समारोह में अपने रिश्तेदार के घर डौसनी गई थी। उसी ने फोन कर पीके को डौसनी बुलाया था। वहां उसके भाई और रिश्तेदारों ने उसे देख लिया था। इसके बाद उन्होंने पीके को पकडक़र मारपीट की थी। बाद में उन्होंने ही पीके की हत्या कर दी और इसे दुर्घटना दर्शाने के इरादे से शव को रेलवे ट्रैक पर डाल दिया था। लेकिन पुलिस तभी से मामले को आत्महत्या का बताकर टाल रही थी। अब पांच महीने बीतने के बाद पुलिस ने युवती, उसके पिता नरेश, भाई विक्की के अलावा डौसनी में रहने वाले उनके रिश्तेदार भोला व मान सिंह पुत्रगण सुक्कड़ के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

