
देहरादून। इजराइल की मेडिकल टीम उत्तराखंड के गांवों में महिलाओं में स्तन कैंसर की रोकथाम के लिए स्क्रीनिंग करेगी। कैंसर रोकथाम के लिए काम करने वाली अग्रणी कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन के साथ सहमति बन गई है।
अंतराष्ट्रीय स्तन कैंसर जागरूकता माह के मौके पर इजराइली दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम में फाउंडेशन के कार्यों को सराहा गया। अध्यक्षा डॉक्टर सुमिता प्रभाकर को यहां पर सम्मानित किया गया। 20 देशों के राजनयिकों ने इस कार्यक्रम में शिकरत की। इज़राइल के राजदूत की पत्नी ओरली गिलोन एवं डीसीएम रोनी येडिडिया क्लिएन ने कहा महिलाओं को अत्याधुनिक निवारक स्वास्थ सुविधा मिलने से आने वाले समय में भारत में स्तन कैंसर के मामलो में कमी आ सकती है।
इजराइल की राजनयिक ओर्ली गोल्डश्मिट ने कहा कि कैन प्रोटेक्ट फाऊंडेशन के साथ इजरायली डॉक्टर की टीम भारत में स्तन कैंसर जागरूकता एवं जल्दी निदान पर कार्य करेगी। डा. प्रभाकर ने बताया कि पिछले छह साल में किये गये कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसमें बताया गया कि स्तन कैंसर किस तरह से उत्तराखंड समेत पूरे भारत में बढ़ रहा है और उसका निदान जागरूकता एवं आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है। केन एप के जरिए भी बड़ा अभियान चलाया गया है। उधर, बताया कि उत्तराखंड के गांवों में जागरूकता की कमी है, इस जागरूकता की कमी को दूर करने को इजराइल की टीम के साथ बड़ा अभियान छेड़ा जाएगा।


