
देहरादून। सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार सुबह पूर्ण कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य के विकास कार्यों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश से मंत्रिमंडल को अवगत कराया। मुख्य सचिव ने इस संदेश का वाचन किया, जिस पर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य के विकास और सुशासन के लिए प्रेरणादायक बताया।
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग की एडीबी समर्थित पुल सुधार परियोजना से जुड़े एक करोड़ रुपये से अधिक के टेंडरों को मंजूरी दी। न्याय विभाग के तहत राज्य के न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीद के लिए 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार प्रतिशत और अन्य वाहनों के लिए पांच प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित की गई है।
वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष करने का निर्णय लिया गया। ऊर्जा विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक स्थापित संयंत्रों को सब्सिडी देने को भी मंजूरी दी गई।
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत निजी विश्वविद्यालय अधिनियम से जुड़े प्रावधानों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि गृह विभाग में लोक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली लागू करने तथा होमगार्ड्स सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी दी गई। साथ ही भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई।
कार्मिक विभाग से संबंधित वर्दीधारी पदों की भर्ती के लिए बनी नियमावली को आगामी तीन वर्षों तक यथावत रखने का निर्णय लिया गया। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े मामलों में पदोन्नति संबंधी विषय पर उपसमिति गठन को भी स्वीकृति मिली।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत रबी विपणन सत्र 2026-27 में गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने और 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य तय करने का निर्णय लिया गया। साथ ही गेहूं और धान खरीद पर मंडी शुल्क दो प्रतिशत ही रखने का प्रावधान भी स्वीकृत किया गया।
उद्योग विभाग की ‘उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026’ को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी, जिसके तहत पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए स्वरोजगार योजनाओं में आरक्षण और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राज्य योजना आयोग के स्थान पर सेतु आयोग के गठन और पंचम विधानसभा सत्र 2026 के सत्रावसान को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट बैठक में लिए गए इन निर्णयों को राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

