
अल्मोड़ा। नगर के विभिन्न संगठनों के एक संयुक्त शिष्टमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह से भेंट कर शहर में बस संचालन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से अवगत कराया। शिष्टमंडल ने डीएम से रोडवेज और केएमओयू बसों के संचालन को मालरोड से ही जारी रखने की मांग को ज्ञापन सौंपा। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, धर्म जागरण समन्वय, एक्स पैरा मिलिट्री फोर्स पर्सनल वेलफेयर एसोसिएशन और नगर के अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि परिवहन निगम की बसों को कर्नाटकखोला स्टेशन से संचालित करने की प्रस्तावित व्यवस्था से दिव्यांगजनों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि कर्नाटकखोला शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है, जहां तक पहुंचने के लिए न तो सीधी सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध है और न ही निर्धारित किराए की व्यवस्था। टैक्सी और निजी वाहनों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। प्रतिनिधियों ने कहा कि वन-वे व्यवस्था के कारण बसों को मालरोड तक पहुंचने में अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं। साथ ही मालरोड पर बस न आने से स्थानीय व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, क्योंकि शहर की मुख्य बाजार इसी क्षेत्र में स्थित है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग भी सीधे बाजार नहीं पहुंच पाते, जिससे व्यापारियों और स्थानीय रोजगार पर असर पड़ रहा है। शिष्टमंडल ने यह भी बताया कि पूर्व में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद निर्णय दिया था कि रोडवेज की बसें 10 मिनट के लिए मालरोड पर रुकेंगी, ताकि न तो जाम की स्थिति बने और न ही यात्रियों को असुविधा हो। प्रतिनिधियों ने डीएम अंशुल सिंह से इस व्यवस्था को यथावत रखने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में संजय साह रिक्खू, मनोज सिंह पवार, वंदना वर्मा, दीप चंद्र जोशी, मनु गुप्ता, नीरज थापा, हिमांशु बिष्ट, केशव दत्त पांडे, अरविंद चंद्र जोशी, रीता दुर्गापाल, मनोहर सिंह नेगी आदि शामिल रहे।

