
अल्मोड़ा। भारत शुद्धिकरण यात्रा के चतुर्थ दिवस पर शनिवार सुबह यात्रा दल ने नंदा देवी मंदिर परिसर में माँ नंदा देवी के दर्शन किए। इसके बाद यात्रा हनुमानगढ़ी होते हुए क्वारब के लिए प्रस्थान कर गई। इस दौरान भारत शुद्धिकरण के संकल्प को दोहराते हुए बाजार क्षेत्र में जनजागरण किया गया। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोषों के बीच बाजार में मौजूद व्यापारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर जगद्गुरु चित्रगुप्ताचार्य स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसी उद्घोष के साथ देश के अनेक क्रांतिकारियों ने हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को स्वीकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत माता की जय और वंदे मातरम् का विरोध करने वाली सोच देश की एकता और अखंडता के विरुद्ध है। भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को यह स्मरण रखना चाहिए कि इन नारों का उच्चारण करना उनका संवैधानिक अधिकार है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि भारत शुद्धिकरण का संकल्प इस उद्देश्य से लिया गया है कि देश में रहने वाले नागरिकों, विशेषकर सनातन परंपरा से जुड़ी माताओं-बहनों की अस्मिता और युवाओं के रोजगार पर किसी भी प्रकार का संकट स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर राष्ट्रविरोधी और जिहादी मानसिकता के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर लालबाबा, हनुमान बाबा, वरुणानंद महाराज, महंत भंडारी बाबा, चंदन सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह जीना, गोविंद गोस्वामी, प्रकाश भट्ट, रोहित पाठक, सुंदर चौधरी, दीपक, गोविंदा, किशन, संगीता बिष्ट, अमर बिष्ट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
