
रुद्रपुर(आरएनएस)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर महेंद्रनगर, नेपाल में सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें सीमा पर अतिक्रमण हटाने और क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन पर सहमति बनी। बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड में हो रहे अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों के पुनर्स्थापन और सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक में एसएसबी और सर्वे विभाग की टीमों सहित दोनों देशों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान संयुक्त सर्वेक्षण के माध्यम से क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों की पहचान करने और नो-मैन्स लैंड पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए संयुक्त कार्रवाई करने पर सहमति बनी। ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि सीमा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच नियमित संवाद और बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की टीमें जल्द संयुक्त कार्रवाई शुरू कर क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन और अतिक्रमण हटाने का कार्य करेंगी। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में लखीमपुर खीरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह, पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
