Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • बेटियों के जन्म के मामले में मैदानी जिले आगे-पहाड़ पीछे  
  • उत्तराखंड

बेटियों के जन्म के मामले में मैदानी जिले आगे-पहाड़ पीछे  

RNS INDIA NEWS 18/11/2021
default featured image

देहरादून। उत्तराखंड में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बेटी बचाओ के स्लोगन को जमीनी तौर पर मजूबती देता नहीं दिख रहा है। भले ही बेटियों को पढ़ाने के मामले में प्रदेश आगे बढ़ रहा है, लेकिन बेटियों के जन्म के मामले में प्रदेश के कई जिलों की स्थिति बेहतर नहीं है। लिंगानुपात के आंकड़ों पर गौर करें तो हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम के मुताबिक, उत्तराखंड में देहरादून को छोड़ कोई भी बेहतर स्थिति में नहीं है। मैदानी इलाकों में ऊधमसिंह नगर जिले और पहाड़ों में पिथौरागढ़ जिले की स्थिति ही कुछ बेहतर दिख रही है।
यहां वित्तीय वर्ष 2020-2021 के आंकड़ों के मुताबिक, लिंगानुपात 948 है। हालांकि, यूनिवर्सल रेट के मानकों को देखें तो लिंगानुपात प्रति 1000 मेल पर 954 फीमेल होना चाहिए। हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्रेशन सिस्टम यानी एचएमआईएस के वित्तीय वर्ष 2020-2021 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे बुरी स्थिति में गढ़वाल मंडल  का रुद्रप्रयाग जिला है। यहां लिंगानुपात 871 है। यह चिंता जनक है।
चंपावत और गढ़वाल के पौड़ी की स्थिति चिंताजनक
कुमाऊं में चंपावत जिला 888 और गढ़वाल में पौड़ी में 885 के लिंगानुपात के साथ चिंताजनक स्थिति में है। मैदानी क्षेत्रों की अपेक्षा में पहाड़ी जिलों में स्थिति ज्यादा ख्रराब नजर आ रही है। मैदानी जिलों में देहरादून में 968, हरिद्वार में 947 और ऊधमसिंह नगर जिले में लिंगानुपात 948 है। वहीं पर्वतीय जिलों की बात करें तो उत्तरकाशी में 947, अल्मोड़ा में 946, बागेश्वर में 904, चमोली में 922, नैनीताल में 918, टिहरी में लिंगानुपात 945 है। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश में बेटी बचाओ की मुहिम अब भी धरातल में नहीं उतर पा रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी देहरादून को छोड़कर बाकी सभी जिले यूनिवर्सल रेट के नीचे हैं।
नेशनल हेल्थ फैमली सर्वे (एनएचएफएस) हर पांच साल में जनस्वास्थ्य को लेकर कई तरह के आंकड़े जारी करता है। इसका आखिरी सर्वे 2015-16 में हुआ था। मई तक नए आंकड़े सामने आएंगे।


2015-16 के नेशनल हेल्थ फेमिली सर्वे के यह थे आंकड़े
अल्मोड़ा      –    986
बागेश्वर        –    879
चमोली        –    950
चंपावत        –    991
देहरादून      –    832
हरिद्वार        –    921
नैनीताल       –    854
पौड़ी           –    705
पिथौरागढ़    –    758
रुद्रप्रयाग      –    879
टिहरी          –    953
यूएस नगर    –    948
उत्तरकाशी    –   825

शेयर करें..

Post navigation

Previous: सेल्फी लेने के चक्कर में युवक की गिरने से हुई मौत
Next: तीसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे आरटीओ कर्मचारी

Related Post

rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

उत्तराखण्ड में डेटा-लिंक्ड गवर्नेंस की दिशा में कदम, मुख्य सचिव ने कार्यशाला में गुणवत्तापूर्ण डेटा व तकनीक पर दिया जोर

RNS INDIA NEWS 22/06/2026 0
IMG-20260622-WA0002_11zon
  • उत्तराखंड

नीट परीक्षा में अनियमितताओं पर कांग्रेस ने जताई चिंता, संगठन मजबूती पर दिया जोर

RNS INDIA NEWS 22/06/2026 0
alm 01_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

उत्तराखंड के धामों के संरक्षण एवं विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: धामी

RNS INDIA NEWS 21/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • 25 लाख की ठगी करने के आरोपी दो साइबर ठग पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
  • उत्तराखण्ड में डेटा-लिंक्ड गवर्नेंस की दिशा में कदम, मुख्य सचिव ने कार्यशाला में गुणवत्तापूर्ण डेटा व तकनीक पर दिया जोर
  • बुजुर्ग के घर चोरी- नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग गायब
  • अंतरजातीय विवाह के बाद युवती ने पति और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
  • डालगांव जूनियर हाईस्कूल भवन के हाल, लकड़ी की टेक पर टिकी है छत
  • रिखाड़ी–वाछम मोटर मार्ग के घटिया डामरीकरण पर गुस्सा
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.