Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • पौड़ी
  • बैकुंठ चतुर्दशी मेले में गढ़रत्न नरेंद्र नेगी और अनिल बिष्ट के गीतों ने बांधा समा
  • पौड़ी

बैकुंठ चतुर्दशी मेले में गढ़रत्न नरेंद्र नेगी और अनिल बिष्ट के गीतों ने बांधा समा

RNS INDIA NEWS 20/11/2024
rns featured image new

श्रीनगर गढ़वाल(आरएनएस)। बैकुण्ठ चतुर्दशी एवं विकास प्रदर्शनी मेले की छठवीं सांस्कृतिक संध्या लोक गायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के नाम रही। इस दौरान उन्होंने त्वीं छई मेरी सौंज्ड्या, फ्योंली बोलु या बुरांश बोलू आदि गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। मेले में गढ़रत्न नेगी को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोगों को हुजूम उमड़ा। लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने सांस्कृतिक संध्या की प्रस्तुति हे भोले-भोले जय भोले भंडारी गाकर की। जिसके बाद उन्होंने बाबा दूधाधारी, त्वीं छंई, बाजूबंद सुल्पा की साज, तिले धारु बोला हौसीया, सुदी नी देखदू कैसणी, फ्योली बोलूं या बुरांश बोलू, ठंडो रे ठंडो मेरा पहाड़े की हवा ठंडी आदि गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद लोक गायक अनिल बिष्ट ने चल बैजरों का सैंणा, हे मधुरी, ऐजा है भनुमति पाबौ बाजारा सहित अन्य गानों से दर्शकों को थिरकने को मजबूर किया। इसके बाद उदयमान गायिका अंजली खरे ने मालू गिव्यरलू का बीच, स्वर्गतारा जुन्यली राता को सुणलों गीत की प्रस्तुती देकर दर्शकों को भी गाना गाने को मजबूर कर दिया। मंगलवार रात को सांस्कृतिक संध्या का उदघाटन भाजपा जिलाध्यक्ष सुषमा रावत ने किया। कहा कि मेले हमारी लोक संस्कृति द्योतक हैं, जहां लोगों को मेले मिलाप करने के साथ ही क्षेत्रीय संस्कृति से भी रूबरू होने का मौका मिलता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: गुलदार दिखने से गनगर के गांव में दहशत
Next: बदरीनाथ में डेढ़ टन अजैविक कचरा एकत्र किया

Related Post

rns featured image new
  • पौड़ी

भालू से भिड़ कर सरोप सिंह ने बचाई जान, हाथ और सिर पर गंभीर घाव

RNS INDIA NEWS 05/06/2026 0
rns featured image new
  • पौड़ी

राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग में श्रीनगर की आकृति कंडारी ने जीता स्वर्ण

RNS INDIA NEWS 05/06/2026 0
rns featured image new
  • पौड़ी

आयुक्त ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर मरीजों का हाल जाना

RNS INDIA NEWS 04/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 08 जून
  • कैमाड़ा के जखोली मेले से मूल स्थान मैंद्रथ लौटी बाशिक महाराज की पालकी
  • मैती मिलन मेले में कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां
  • फर्जी हस्ताक्षर कर परिचित ने खाते से रकम उड़ाई
  • ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर पुलिस ने दिए सुरक्षा और सतर्कता के निर्देश
  • राजौरी में सैन्य अभियान के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को नम आंखों से अंतिम विदाई
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.