
अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय मटीलाधूरा में बुजुर्गों के सम्मान में भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चे अपने दादा-दादी और अन्य बुजुर्ग परिजनों को विशेष रूप से विद्यालय लेकर पहुंचे। विद्यालय पहुंचने पर बच्चों ने बुजुर्गों को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर, माला पहनाकर और ग्रीटिंग कार्ड देकर सम्मानित किया। नन्हे बच्चों से मिले इस स्नेह और सम्मान से बुजुर्गों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर सूक्ष्म जलपान के साथ बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। प्रस्तुतियों में बुजुर्गों के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और भारतीय संस्कारों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में मौजूद बुजुर्ग कुशाल सिंह ने कहा कि विद्यालय की ओर से बुजुर्गों को सम्मान देने और बच्चों को उनसे जोड़ने की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम करते हैं। एक अन्य बुजुर्ग ने कहा कि ऐसे आयोजन परिवार और पीढ़ियों के बीच स्नेह का पुल बनाने के साथ बच्चों को बुजुर्गों के अनुभवों से सीखने का अवसर देते हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक भास्कर जोशी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान के साथ संस्कार, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से जोड़ना भी है। दादा-दादी परिवार और समाज की जीवंत धरोहर हैं और उनके जीवन अनुभव बच्चों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता की भावना विकसित करने में सहायक हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी बुजुर्गों के प्रति आभार व्यक्त किया। दादा-दादी और बच्चों के बीच दिखाई दिया स्नेह कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। विद्यालय की यह पहल पीढ़ियों को जोड़ने, पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करने और बुजुर्गों के अनुभवों को सम्मान देने का सार्थक प्रयास रही।
