


देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान की रणनीति तैयार की है। अंकिता भंडारी प्रकरण, वोट चोरी, चंदा चोरी, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, गांवों से पलायन और वन्यजीवों के बढ़ते आतंक जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी जनता के बीच जाएगी। अभियान के तहत 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में विधानसभा क्षेत्रवार प्रदर्शन, जनसभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम होंगे, जबकि 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव किया जाएगा।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी के आनुषांगिक संगठनों के अध्यक्षों के साथ बैठक की। इसमें चुनाव अभियान में संगठनों की भूमिका, कार्यक्रमों में भागीदारी और पार्टी की रणनीति को जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। बैठक में संगठन के सभी स्तरों को सक्रिय कर प्रमुख मुद्दों को साझा अभियान का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
इससे पहले शुक्रवार शाम देहरादून के होटल हयात सेंट्रिक में सैलजा की मौजूदगी में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, चुनाव अभियान की दिशा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। नेताओं ने तय किया कि प्रदेश के प्रमुख सवालों को लेकर भाजपा सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाया जाएगा।
कांग्रेस 27 अक्टूबर को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव में अंकिता भंडारी प्रकरण को प्रमुखता से उठाएगी। इसके लिए प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। घेराव से पहले होने वाले कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार, वोट चोरी, चंदा चोरी, कानून व्यवस्था, पलायन और वन्यजीवों के आतंक जैसे मुद्दों को उठाकर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल किए जाएंगे।
बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और विधायक भुवन कापड़ी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।



