
पिथौरागढ़। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ऑलवेदर सडक़ की गुणवत्ता को लेकर भाजपाईयों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सडक़ निर्माण के दौरान घटिया सामाग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। कहा सडक़ कटिंग से निकल रहे मलबे को भी बेतरतीब जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों में डाला जा रहा है। इससे वन संपदा के साथ ही पेयजल लाइनों को खासा नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़-घाट हाईवे में धमोड़ के समीप भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र लुंठी के नेतृत्व बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि सडक़ निर्माण के दौरान भारी अनियमिताएं बरती गई हैं। कहा मानकों की अनदेखी कर घटिया सामाग्री से सडक़ निर्माण किया गया है। राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट ने कहा पिथौरागढ़-घाट हाईवे सीमांत क्षेत्रवासियों के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके सडक़ में इस तरह घटिया सामाग्री का प्रयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि सडक़ निर्माण के दौरान निकले मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में न डालकर घने जंगलों और नालों के बीच डाला जा रहा है। जिससे वन वन संपदा को खासा नुकसान हुआ है। बेतरतीब कटी पहाडिय़ां भी भविष्य में खतरा साबित हो सकती हैं। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र भेजकर ऑलवेदर सडक़ निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गिरीश जोशी, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष मनोज सामंत,गोविंद महर, राजेंद्र जोशी, हरेंद्र कुंवर, जितेंद्र नगरकोटी, बसंत वर्मा, महेंद्र चमाली, सोबी रावल, होशियार सिंह आदि शामिल हुए।



