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धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए 52 निर्णय, यहाँ जानें…

RNS INDIA NEWS 15/02/2023
dhami cabinet

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 52 निर्णय लिए गए।

यहाँ जानें बैठक में लिए गए निर्णय

-आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों की भूमि तथा भवनों के मुआवजे तथा विस्थापन के सम्बन्ध में प्रस्तावित नीति को कैबिनेट ने किया अनुमोदित।

-रेरा के ढांचे में कुल 31 पद सृजित किए गए हैं।

-नकल रोधी कानून को कैबिनेट ने प्रदान किया अनुमोदन।

13 से 18 मार्च 2023 तक गैरसैंण भराड़ीसैंण में होगा विधानसभा सत्र।

-दिव्यांगजन बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाने को लेकर देहरादून जनपद के पुरकुल क्षेत्र में कुल 3000 वर्ग मीटर सरकारी भूमि दिए जाने को मंजूरी।

-मसूरी में लोनिवि गेस्ट हाउस में मल्टी स्टोरी पार्किंग को 15 मीटर ऊंचाई तक कि शिथिलता प्रदान की गयी, 400 वाहनों की पार्किंग का होगा निर्माण।

-ऋषिकेश एम्स की एक ब्रांच किच्छा में खोली जानी है। इसके दृष्टिगत एम्स की एक किमी की परिधि में मास्टर प्लान बनेगा। अगले 3 महीने में मास्टर प्लान होगा तैयार। तब तक इस क्षेत्र में नए निर्माण पर रोक।

-राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहसपुर को स्किल हब बनाया जाएगा।

-राज्य की खेल नीति में विद्यमान सीएम खेल विकास निधि से खिलाड़ियों को धन आवंटित करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 सदस्य समिति गठित की गई।

-वर्ष 2023 हेतु राज्य की स्टार्ट अप नीति तय की गई है।

-Msme के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की जाएगी। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रमोट करने के लिए नीति लाने को मंजूरी।

-सिविल कोर्ट परिसर खटीमा में अधिवक्ताओं को 90 साल के लिए लीज बेस्ड चैम्बर के लिए स्थान दिया जाएगा।

-सिंगल यूज प्लास्टिक बैन के मद्देनजर भारत सरकार की नीति को अपनाने को मंजूरी।

-आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के प्राचार्य की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की गई।

-समेकित सहकारी विकास परियोजना और गंगा डेरी योजना में अब 2 दुधारू पशु भी लिए जा सकेंगे। पहले कम से कम 5 पशु क्रय करने का था प्रावधान।

-स्कूल एजुकेशन के तहत दिव्यांग बच्चों को घरों में पढ़ाने के लिए 285 स्पेशल टीचर रखे जाएंगे।

-अर्थ एवं संख्या विभाग में अपर निदेशक के पद के सृजन को मंजूरी।

-देहरादून में मेट्रो नियो के लिए सरकारी विभाग की जमीन की आवश्यकता पड़ने पर विभाग 1 रुपये में 99 साल की लीज प्रदान करेगा।

-उत्तराखंड परिवहन निगम कुल 30 करोड़ की लागत से 100 बस खरीदेगा। इस ऋण पर ब्याज का वहन राज्य सरकार करेगी।

-रवाई-जौनपुर संस्कृति जनकल्याण समिति को राज्य सरकार भवन निर्माण के लिए निःशुल्क देगी जमीन।

-कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग के स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी। पीडीएस के माध्यम से अंत्योदय परिवारों को दिया जाएगा एक किलो मंडुआ एवं मध्यान्ह भोजन योजना में अब झंगोरा और मंडुआ भी दिया जाएगा।

-उत्तराखंड परिवहन विभाग के अंतर्गत अगर 20 दिन में किसी वाहन का पंजीकरण नहीं होता है तो इसे स्वतः पंजीयन माना जाएगा।

-राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्र में भी ईको टूरिज्म को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।

-ग्राम विकास विभाग के अंतर्गत सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से बन रहे उत्पादों की मार्केटिंग को बढ़ाने के लिए एक राज्य स्तरीय संस्थान बनाने का निर्णय।

-हरिद्वार में पीआरटी सिस्टम को कैबिनेट ने दी मंजूरी। डीपीआर बनकर हो चुकी है तैयार।

-राजस्व विभाग का कंप्यूटरीकृरण होने के बाद अब नियमावली को भी उसी हिसाब से संशोधित किया जाएगा।

-उद्योगों को आकर्षित करने के लिए लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभाग ने तैयार की कस्टमाइज पैकेज की नीति। 200 करोड़ से ज्यादा के निवेश और 500 लोगों को रोजगार देने पर मिलेगा लाभ।

-सितारगंज चीनी मिल को अगले 30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा।

-उद्योग विभाग के अंतर्गत जिला खनिज न्यास राशि अब भारत सरकार के नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत की गई। कैबिनेट ने अनुमोदन दिया।

-पीएम पोषण योजना में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को पहले केवल एक दिन फोर्टीफाईड दूध दिया जाता था। अब यह 2 दिन दिया जाएगा।

-सिंगल यूज़ प्लास्टिक की जो यूनिटें हाल में बंद हुई अगर वैकल्पिक उत्पाद बनाते हैं तो उन्हें बेनिफिट दिया जाएगा।

-वित्त विभाग के अंतर्गत तीन वर्ष बाद सर्किल रेट का किया गया रिविजन। कुछ क्षेत्रों में सर्किल रेट कम किये गए हैं तो कई जगह वृद्धि की गई है। जल्द नए सर्किल रेट लागू किये जायेंगे।

-परिवहन विभाग के अंतर्गत मंत्रियों-अधिकारियों के नए वाहन क्रय करने को लेकर मार्केट रेट देखते हुए दरों में वृद्धि की गई।

-राजस्व विभाग के अंतर्गत तहसील सितारगंज में 41 एकड़ में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाया जाएगा। यह भूमि राजस्व विभाग, मत्स्य को देगा।

-कौशल विकास विभाग, आधुनिक लेटेस्ट ट्रेड के हिसाब से नए एक्सपर्ट हायर करेगा

-UJVNL का वार्षिक प्रतिवेदन को विधान सभा में रखा जाएगा

-युवा कल्याण विभाग की नीति में संशोधन को मंजूरी।

-राज्य में एसडीएम के 26 नए पद सृजित किए जाने को मंजूरी।

-नागरिक उड्डयन विभाग के अंतर्गत नैनी सेनी एयरपोर्ट का संचालन वायु सेना करेगी।

-भारत सरकार के उपक्रम बेसिल को इमपैनल करने को मंजूरी।

-हाई अल्टीट्यूट खेलों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे

-पर्वतारोहण के लिए इनर लाइन परमिट को ऑनलाइन किया जाएगा ।

-पर्यटन विभाग के माध्यम से Gmvn और kmvn का होगा विलय।

-कम्युनिटी रेडियो को हर जगह विकसित किया जाएगा।

-नैनीताल की मॉल रोड की तर्ज पर अल्मोड़ा के पटाल बाजार को विकसित किया जाएगा।

-शहरी क्षेत्र में पार्क, सड़क, दुकान को स्थानीय या पहाड़ी शैली में विकसित किया जाएगा

-देहरादून की तर्ज पर दूसरे शहरों में गो-डाउन आदि शहर से बाहर किए जाएंगे शिफ्ट।

-जिला योजना में अब 3 लाख से कम के काम नहीं लिए जाएंगे

-एक्सीडेंटल डेथ को रोकने के लिए सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।

-वन विभाग रोजगार सृजन की योजना बनाएगा।

-4 व्हीलर के साथ 2 व्हीलर एम्बुलेंस भी प्रोत्साहित की जाएगी।

-नेपाल से लगे सीमांत क्षेत्र गूंजी में उपतहसील बनेगी।

दिनांक 16-17 दिसम्बर, 2022 को आयोजित एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (AOC) के महत्वपूर्ण बिन्दु मंत्रीपरिषद् के विचारार्थ / अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किए गए।
जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों की भूमि तथा भवनों के मुआवजे तथा स्थायी विस्थापन के सम्बन्ध में प्रस्तावित नीति पर मंत्रिमण्डल की बैठक दिनांक 15.02.2023 में अनुमोदन प्रदान किया गया है।

जोशीमठ क्षेत्र के आपदा प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों की भूमि तथा भवनों के मुआवजे तथा स्थायी विस्थापन के सम्बन्ध में प्रस्तावित नीति पर मंत्रिमण्डल की बैठक 15.02.2023 में अनुमोदन प्रदान किया गया है। उक्त नीति के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार हैः-

(I) मुआवजे हेतु दरों का निर्धारण-

भूमि हेतु मुआवजे की दरः- तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट आने के पश्चात भूमि के मुआवजे की दरों का निर्धारण किया जायेगा।

भवनों हेतु मुआवजे की दर –
(क) आवासीय भवनों हेतु भवनों की लागत सी0पी0डब्ल्यू0डी० की प्लिंथ एरिया दरों में कोस्ट इंडेक्स लगाकर निकाली जायेगी। उक्तानुसार आने वाली भवन की लागत में से प्रभावित भवन के मूल्यह्रास (Depreciation) की धनराशि को घटाने के उपरान्त शेष धनराशि का मुआवजा दिया जायेगा।

(ख) दुकान तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल, ढाबे आदि) के निर्मित भवन के मुआवजे के निर्धारण हेतु 5 क्षति स्लैब निर्धारित किये गये है। निर्धारित क्षति स्लैब के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा।

(II) आपदा प्रभावितों के स्थायी पुनर्वास हेतु विकल्प-

(क) आपदा प्रभावित आवासीय भू-भवन स्वामी निम्न विकल्प 1, 2 अथवा 3 में से एक विकल्प का चयन कर सकते हैं-

विकल्प-1
आपदा प्रभावित अपने क्षतिग्रस्त आवासीय भवन का मुआवजा निर्धारित दर पर तथा भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में निर्धारित होने वाली दरों के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं।
विकल्प-2
आपदा प्रभावित व्यक्ति द्वारा भवन का मुआवजा प्राप्त करते हुये आवासीय भवन के निर्माण हेतु अधिकतम क्षेत्रफल 75 वर्ग मी0 (50 मीटर भवन निर्माण हेतु तथा 25 मीटर गौशाला / अन्य कार्यों हेतु) तक की भूमि प्रदान की जा सकती है।
विकल्प-3
आपदा प्रभावित द्वारा अपनी भूमि एवं भवन के सापेक्ष निर्मित आवासीय भवन की मांग की जा सकती है। अधिकतम 50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की सीमा तक की भूमि पर राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण कर दिया जायेगा तथा 25 मीटर भूमि गौशाला / अन्य कार्यों हेतु उपलब्ध करायी जायेगी।
(ख) दुकान / अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल, ढाबे आदि) के लिये निम्नलिखित विकल्प संख्या-4, 5 एवं 6 मे से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैंः-

विकल्प-4- आपदा प्रभावित अपने क्षतिग्रस्त व्यवसायिक भवन / दुकान का मुआवजा निर्धारित दर पर तथा भूमि का मुआवजा तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में निर्धारित होने वाली दरों के आधार पर मुआवजा प्राप्त कर सकते है।

विकल्प-5
आपदा प्रभावित व्यक्ति द्वारा भवन का मुआवजा प्राप्त करते हुये दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान हेतु भूमि की मांग की जाती है तो ऐसी स्थिति में दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्माण के लिए अधिकतम क्षेत्रफल 15 वर्ग मी0 तक की भूमि प्रदान की जायेगी।

विकल्प-6
आपदा प्रभावित दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी द्वारा निर्मित दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान की मांग की जाती है, तो ऐसी स्थिति में चिन्हित स्थल पर अधिकतम 15 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की सीमा तक की भूमि पर दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण राज्य सरकार द्वारा करते हुये उपलब्ध करायी जायेगी।

(ग) किराये पर रहने वाले परिवारों / व्यक्तियों के रोजगार के लिये व्यवस्था
यदि जोशीमठ में कोई ऐसा व्यक्ति, जो कि एक वर्ष से अधिक समय से जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र में किराये पर दुकान लेकर कार्य कर रहा है एवं आपदा के कारण दुकान / व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भूमि एवं भवन दोनों असुरक्षित होने के कारण उसका रोजगार प्रभावित हुआ है, तो ऐसे व्यक्तियों को एक मुश्त रू0 2.00 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

(घ) रेट्रोफिटिंग क्षति हेतु व्यवस्था
तकनीकी संस्थानों द्वारा किये गये सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षित भूमि पर स्थित भवनों की Retrofitting क्षति की तीव्रता के अनुसार सहायता राशि दिये जाने के सम्बन्ध में पृथक से निर्णय लिया जायेगा।

उक्त विकल्प संख्या 1 से 6 निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगें :-

यदि किसी प्रभावित परिवार के पास भूमि / भवन के स्वामित्व के वैध अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो ऐसे परिवारों को सरकारी विभागों द्वारा प्रदत्त विभिन्न देयक बिलों यथा-विद्युत बिल, जलकर, सीवर कर भवन कर आदि के साथ ही शपथ-पत्र के आधार पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा। उक्त देयकों के बिल दिनांक 02 जनवरी, 2023 से पूर्व के होने आवश्यक है।
भूमि की राहत राशि के भुगतान से पूर्व यह भी सुनिश्चित कर लिया जाय कि उनके द्वारा भूमि से सम्बन्धित समस्त देयतायें पूर्ण कर दी गई हो। सम्बन्धित विभागों के द्वारा इस सम्बन्ध में No Dues Certificate देने के उपरान्त ही सम्बन्धित प्रभावितों को राहत राशि का अन्तिम भुगतान किया जायेगा।
प्रभावित परिवारों / व्यक्तियों को स्वीकृत धनराशि सर्वेक्षण टीम के द्वारा किये सर्वेक्षण एवं मापन के आधार पर राहत सहायता वितरित की जायेगी।
पुनर्वास पैकेज / राहत सहायता के भुगतान से पूर्व प्रभावित परिवारों को पूर्व में वितरित पैकेज की अग्रिम धनराशि रू0 1,00,000/- (एक लाख रूपये मात्र ) / गृह अनुदान (यदि कोई हो) का समायोजन कर लिया जाए।
प्रभावित हुए भूमि / भवन / दुकान के स्वामी द्वारा चाहे गये विकल्प के अनुसार मुआवजा दिये जाने का कार्य तथा भूमि / आवास / दुकान आवंटन का कार्य उप जिलाधिकारी जोशीमठ की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा।
मुआवजे से असंतुष्ट प्रभावित व्यक्ति अपर जिलाधिकारी चमोली की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील कर सकता है।

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