
देहरादून। ओल्ड मसूरी रोड स्थित सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट में सिविल सर्विस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (संजीवनी संस्था) के ‘संजीवनी दिवाली फेस्ट- 2022 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। दो दिवसीय फेस्ट का शुभारंभ मुख्य अतिथि गुरमीत कौर ने दीप जलाकर किया। फेस्ट में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। पहले दिन लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की भी धूम रही। फेस्ट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के स्टाल लगाए गए हैं। मुख्य अतिथि गुरमीत कौर ने स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने संजीवनी संस्था के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे दूर-दराज के पर्वतीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। अध्यक्ष डॉ। हरलीन कौर संधु ने बताया कि मेले का उद्देश्य प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, शिल्पकारों, काश्तकारों, कारीगरों और लघु उद्यमियों को मंच प्रदान करना है। सचिव रश्मि बर्द्धन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। उपाध्यक्ष डॉ। अलकनंदा अशोक ने कहा कि आने वाले समय में मेले को और भव्य बनाया जाएगा। कोषाध्यक्ष अंजलि सिन्हा ने बताया कि संजीवनी संस्था उत्तराखंड के सिविल सेवा अधिकारियों की पत्नियों की ओर से संचालित एक संस्था है। इस दौरान अंशु पांडे, अनुराधा सुधांशु, आकांक्षा सिन्हा, मथानी फैनई, गुंजन यादव, हरिका राजेश, रजनी तोमर, शिखा पांडे, विनीता कुंवर आदि मौजूद रहे।
पहाड़ी उत्पादों को पंसद किया जा रहा
पौड़ी जिले में बने मंड़ुवे के बिस्कुट, माल्टा, संतरा का जूस, घर में निर्मित अचार, नैनीताल के स्थानीय उत्पादों, विकासनगर में निर्मित स्टॉल, शॉल, मफलर व स्वेटर, उत्तरकाशी में निर्मित पंखी, पूजा आसान, पिथौरागढ़ के ऐपण डिजाइन साड़ियां व तांबे के बर्तन, जोशीमठ की राजमा, पहाड़ी अंजीर और रिंगाल के उत्पाद, मिट्टी के बर्तन व दीए, हरिद्वार के दिव्यांजन बच्चों द्वारा बनाए सजावट को सामान पसंद किया गया।
