Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पहले भूकंप ने ली हजारों की जान, अब भोजन और आश्रय के बिना तड़प रहे अफगान नागरिक
  • अंतरराष्ट्रीय

पहले भूकंप ने ली हजारों की जान, अब भोजन और आश्रय के बिना तड़प रहे अफगान नागरिक

RNS INDIA NEWS 25/06/2022
default featured image

काबुल। पहले भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली और अब भूख प्यास अफगान नागरिकों की मौत का कारण बन रही है।  दशकों में अपने सबसे घातक भूकंप की मार झेलने वाला अफगानिस्तान पहले से ही भुखमरी का सामना कर रहा है। लेकिन भूकंप ने उसकी हालत और खराब कर दी है। भूकंप से बचे लोग भोजन, पानी या आश्रय के बिना खुले मैदान में पड़े हैं। वे तबाह हुए सुदूर गांवों में सहायता के लिए इंतजार कर रहे हैं।
अफगानिस्तान में सरकारी मीडिया में जारी ताजा आंकड़े के अनुसार, भीषण भूकंप के बाद मृतकों की संख्या बढक़र 1,150 हो गई है। ईंट और पत्थरों से बने घर भूकंप के कारण मलबे में तब्दील हो गए हैं और मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भूकंप ने लगभग 10,000 घरों को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे मोबाइल फोन टावर और बिजली लाइन भी टूट चुकी है।
बुरी तरह प्रभावित पक्तिका प्रांत पहुंची एएफपी टीम को 21 वर्षीय जैतुल्ला घुरजीवाल ने बताया, कोई कंबल नहीं है, टेंट नहीं है … कोई आश्रय नहीं है। हमारी पूरी जल वितरण प्रणाली नष्ट हो गई है। खाने के लिए सचमुच कुछ भी नहीं है। क्षेत्र अभी भी झटकों से थरथरा रहा था। लोग डरे सहमे हुए हैं। गयान जिले में स्वास्थ्य निदेशक मकबूल लुकमानजई के अनुसार, शुक्रवार तडक़े एक झटके में पांच लोगों की मौत हो गई। कुछ क्षेत्रों में सहायता मिलने लगी थी। एएफपी ने देखा कि संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के सात ट्रक काबुल से निकलने के 24 घंटे बाद शुक्रवार सुबह वुचकाई गांव में पहुंचे और तंबू व आपातकालीन राशन वितरित करने लगे थे। दो डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ट्रक भी चिकित्सा सामग्री के साथ पहुंचे हैं। पक्तिका प्रांत के सूचना प्रमुख मोहम्मद अमीन हुजैफा ने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचने के प्रयासों में बाधा बन रही है। भूकंप से मोबाइल फोन के टावर और बिजली के तार टूट जाने से संचार सेवा भी प्रभावित हुई है। जिस एरिया में भूकंप आया है वहां बारिश ने पहले से ही लोगों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया हुआ था। पहाड़ों की चट्टानें टूट कर गिर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगभग 10,000 घर नष्ट हो गए। घरों की ये संख्या इसलिए भी डराने वाली है क्योंकि इस एरिया में एक घर में औसत 20 लोगों का परिवार रहता है।

पक्तिका की राजधानी शरण में एक अस्पताल के बिस्तर से बीबी हवा ने बताया, एक कमरे में सात, दूसरे कमरे में पांच, एक अन्य कमरे में चार और एक और दूसरे में तीन लोग मेरे ही परिवार में मारे गए हैं। सेव द चिल्ड्रन संस्था ने कहा कि आपदा से 118,000 से अधिक बच्चे प्रभावित हुए हैं। इंटरनेशनल चैरिटी ने कहा, कई बच्चे अब स्वच्छ पेयजल, भोजन और सोने के लिए सुरक्षित जगह के बिना ही गुजारा करने को मजबूर हैं।
पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे 3.8 करोड़ की आबादी वाले देश में लाखों बच्चों के गंभीर कुपोषण की चपेट में आने का खतरा है। इस बीच छह तीव्रता वाले भूकंप ने हजारों लोगों का आसरा छीन लिया है। सरकारी मीडिया ने बताया कि बुधवार को आए भूकंप में करीब 3,000 मकान नष्ट हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
स्थानीय ‘रेड क्रीसेंट’ और ‘वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ जैसे सहायता संगठन सबसे कमजोर परिवारों को भोजन और अन्य आपातकालीन जरूरतों जैसे टेंट और सोने के लिए चटाई आदि मुहैया करा रहे हैं। सरकारी समाचार एजेंसी बख्तर के तालिबान निदेशक अब्दुल वाहिद रायन ने शुक्रवार को कहा कि पिछली रिपोर्ट के अनुसार 1,000 लोग मारे गए थे और ताजा रिपोर्ट के अनुसार मृतकों की संख्या बढक़र 1,150 हो गई है। उन्होंने कहा कि कम से कम 1,600 लोग घायल हुए हैं।
मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने मरने वालों की संख्या 770 बताई है। गायान जिले में भूकंप से कम से कम 1,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। खोस्त प्रांत के स्पेरा जिले में 800 मकानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि आधुनिक इमारतें छह तीव्रता वाले भूकंप का सामना करने में सक्षम रहीं, लेकिन मिट्टी-ईंट के बने मकान और भूस्खलन संभावित पहाड़ ऐसे भूकंपों को और अधिक खतरनाक बनाते हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: पेट्रोल के लिए पैसे नहीं, घर से काम करो- केंद्रीय बैंक की कर्मचारियों से अपील
Next: रूस के बाजार में खुलेंगे भारतीय स्टोर्स, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दी जानकारी

Related Post

default featured image
  • अंतरराष्ट्रीय

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने की नृशंसता की हद पार, हिंदू युवक की हत्या कर शव को जलाया

RNS INDIA NEWS 19/12/2025 0
default featured image
  • अंतरराष्ट्रीय

ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर दुनिया का पहला बैन लागू किया

RNS INDIA NEWS 10/12/2025 0
default featured image
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय

भारत के पड़ोसी देश में फिर भड़का जेन-जेड आंदोलन, कई इलाकों में लगा कर्फ्यू; एयरपोर्ट बंद

RNS INDIA NEWS 20/11/2025 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 15 जनवरी
  • राज्य गठन के बाद बने फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की जांच करे सरकार
  • भारतीय गोरखाओं के खिलाफ की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणी से आक्रोश
  • लाखों के जेवरात उड़ाने वाला आरोपी पांच घंटे में गिरफ्तार
  • राज्य आंदोलनकारियों को बीस हजार रूपए पेंशन की मांग
  • मकर संक्रांति पर सिमकनी नौले के आसपास चला स्वच्छता अभियान

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.