
नई दिल्ली। कर्ज में फंसी अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए अडानी से लेकर पिरामल , केकेआर समेत कई बड़ी कंपनियां कतार में हैं। रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए अडानी फिनसर्व , केकेआर, पिरामल फाइनेंस और पूनावाला फाइनेंस समेत 14 प्रमुख कंपनियों ने रूचि दिखाईं हैं। ये कंपनियां कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए बोली लगाई हैं।
सूत्रों ने बताया कि जिन अन्य कंपनियों ने रिलायंस कैपिटल के लिए ईओआई जमा कराया है उनमें अर्पवुड, वर्दे पार्टनर्स, मल्टीपल्स फंड, निप्पन लाइफ, जेसी फ्लॉवर्स, ब्रुकफील्ड, ऑकट्री, अपोलो ग्लोबल, ब्लैकस्टोन और हीरो फिनकॉर्प शामिल हैं। बता दें कि कंपनी पर 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।
25 मार्च है बोली लगाने की अंतिम तारीख
रिलायंस कैपिटल के लिए बोलियां दाखिल करने की तारीख भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक ने 11 मार्च निर्धारित की थी जिसे अब बढ़ाकर 25 मार्च कर दिया गया है। बोली दाखिल करने की समयसीमा कुछ संभावित बोलीदाताओं के अनुरोध पर बढ़ाई गई है, जिन्होंने रुचि पत्र (ईओआई) दाखिल करने के लिए कुछ और समय मांगा था। सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर बोलीदाताओं ने पूरी कंपनी के लिए बोली लगाई है।
यह तीसरी सबसे बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है जिसके खिलाफ केंद्रीय बैंक ने हाल में दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत दिवाला कार्यवाही शुरू की है। दो अन्य कंपनियां श्रेई ग्रुप की एनबीएफसी तथा दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) हैं।
