Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • अर्थ जगत
  • बाजार
  • सस्ते आयातित खाद्य तेल की वजह से बिनौला, सोयाबीन उद्योग संकट में
  • बाजार

सस्ते आयातित खाद्य तेल की वजह से बिनौला, सोयाबीन उद्योग संकट में

RNS INDIA NEWS 30/11/2021
rns featured image new

नई दिल्ली। सस्ते आयातित तेलों के कारण देशभर के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को सोयाबीन और बिनौला संयंत्रों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन संयंत्रों को सस्ते आयात के आगे तेल पेराई महंगी बैठने के कारण घाटे में व्यापार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है
बाजार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन प्लांट वालों को सोयाबीन की पेराई करने में प्रति किलो 5-7 रुपये का नुकसान है। यही हाल बिनौला का भी है। सस्ते आयातित तेलों के आगे ये तेल टिक नहीं पा रहे हैं और इन तेलों का कारोबार घाटे का सौदा बन गया है। किसान नीचे भाव में बिनौला और सोयाबीन बेच नहीं रहे क्योंकि उन्होंने पहले ऊंचे भाव पर अपनी उपज बेची थी। इसकी वजह से सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार है। इसी कारण सोयाबीन संयंत्र वालों की मांग के हिसाब से सोयाबीन की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के बीच महाराष्ट्र सरकार ने किसानों पर ‘स्टॉक लिमिट’ (स्टॉक रखने की निश्चित सीमा) को लागू करने से मना कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि देश अपनी खाद्य तेल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगभग 75-80 प्रतिशत आयात पर निर्भर है और आयातित तेलों पर ‘स्टॉक लिमिट’ लागू नहीं होती, तो ऐसे में किसानों पर ही स्टॉक रखने की सीमा लगाना उनके हित में नहीं होगा।
सूत्रों ने कहा कि किसानों की कम बिक्री करने की वजह से महाराष्ट्र के लातूर में सोयाबीन की जो आवक पहले 75 हजार बोरी की थी वह घटकर लगभग 15,000 बोरी की रह गई है। उन्होंने बताया कि सस्ते आयात की वजह से सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट है।
सूत्रों ने बताया कि सरसों के मामले में मिलों द्वारा अपने स्टॉक बाजार में उतारने की वजह से सरसों तेल-तिलहन के भाव में गिरावट आई है। इसी तरह राजस्थान और गुजरात में मूंगफली की आवक बढऩे की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन में गिरावट आई। सस्ते आयात के कारण बिनौला तेल में गिरावट देखने को मिली।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: शापूरजी पालोनजी की आवासीय इकाई जॉयविले 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी
Next: एशियन पेंट्स अपने क्षमता विस्तार पर करेगी 960 करोड़ रुपये का निवेश

Related Post

sim block
  • बाजार
  • राष्ट्रीय

अब 4 महीनों तक बिना रीचार्ज के चलेगा आपका सिम, ट्राई के नये नियम जारी

RNS INDIA NEWS 21/01/2025 0
rns featured image new
  • अर्थ जगत
  • बाजार

शेयर बाजार में भूचाल, निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ स्वाहा

RNS INDIA NEWS 20/12/2024 0
rns featured image new
  • अर्थ जगत
  • बाजार
  • राष्ट्रीय

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर शेयर बाजार को लेकर राहुल गांधी का दावा फेल, सोशल मीडिया पर यूजर्स दे रहे प्रतिक्रिया

RNS INDIA NEWS 12/08/2024 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 28 जून
  • एटीएम कार्ड बदल एक लाख 45 हजार साफ
  • निहंग विवाद, यूकेडी नेता आशीष नेगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, बयान से मचा बवाल, समर्थन में उतरे कई लोग
  • राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ ने मनाया हेलेन केलर का 147वां जन्मदिवस
  • गत्ता गोदाम में लगी आग, दमकल वाहनों ने पाया काबू
  • मानकों के अनुरूप व्यवस्था न मिलने पर कोचिंग संचालकों को नोटिस
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.