Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • नई शिक्षा नीति से भारत के शैक्षिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे: प्रधान
  • राष्ट्रीय

नई शिक्षा नीति से भारत के शैक्षिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे: प्रधान

RNS INDIA NEWS 06/09/2021
rns featured image new

नई दिल्ली (आरएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में 17 संकाय सदस्यों को एआईसीटीई-विश्वेश्वरैया सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जबकि 3 संकाय सदस्यों को प्रबंधन शिक्षा में एआईसीटीई-डॉ. प्रीतम सिंह सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने विजेताओं को छात्र विश्वकर्मा अवॉर्ड क्लीन एंड स्मार्ट कैंपस अवॉर्ड 2020 से भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सचिव, उच्च शिक्षा अमित खरे; अध्यक्ष, एआईसीटीई, प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे, उपाध्यक्ष, एआईसीटीई, प्रो. एमपी पूनिया और सदस्य सचिव, एआईसीटीई प्रो. राजीव कुमार ने भी विजेताओं को बधाई दी और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब हम आजादी के 75 साल पूरे कर रहे हैं, तो नागरिकों के पास भारत को आगे ले जाने, उसे आकार देने की इच्छाशक्ति है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भारत के शैक्षिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 2047 के तहत, अगले 25 वर्षों के लिए मार्ग प्रशस्त करने की उम्मीद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा से हम में से प्रत्येक को अधिक जिम्मेदार और वैश्विक नागरिक बनना होगा। केंद्रीय मंत्री ने इन 4 पुरस्कारों को शुरू करने के लिए एआईसीटीई को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रयासों को मान्यता देने के अलावा इन पुरस्कारों ने नवाचार की चिंगारी भी पैदा की है।
प्रधान ने कहा कि एआईसीटीई विश्वेश्वरैया पुरस्कारों का उद्देश्य मेधावी संकायों को सम्मानित करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा की लगातार बदलती जरूरतों के लिए खुद को अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित करना है और इस तरह ज्ञान समाज के लिए प्रभावी रूप से योगदान करना है। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रीतम सिंह सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार इसी साल शुरू किया गया और इसे प्रबंधन शिक्षा में शिक्षण उत्कृष्टता व संस्थागत नेतृत्व के लिए संकाय सदस्यों को प्रदान किया जाता है।
प्रधान ने इस बात को रेखांकित किया कि छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार सामाजिक चुनौतियों को समझने के लिए हमारे छात्रों को एक मंच प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य नया और कम लागत वाला समाधान उपलब्ध कराना है। इस साल फिर से, परिषद ने छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार 2020 को च्भारत की आर्थिक रिकवरी पोस्ट कोविड : रिवर्स माइग्रेशन और पुनर्वास योजना को आत्मनिर्भर भारत में सहयोगज् थीम पर घोषित किया। मंत्री ने बताया कि विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के लिए बहुत उपयोगी और रचनात्मक समाधान विकसित करने वाली छात्रों की 24 टीमों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन छात्रों का जोश, उत्साह, नवीनता और कड़ी मेहनत निकट भविष्य में भारत को नवीन विचारों को उत्पन्न करने का केंद्र बिंदु बनाएगी।
मंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत की और समाज में उनके योगदान की सराहना की। छात्रों के प्रदर्शित किए गए प्रोजेक्टों को देखते हुए, उन्होंने छात्र विश्वकर्मा पुरस्कार जीतने वाली टीमों की नवीनता और प्रयासों की प्रशंसा की और भारत के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा व्यक्त किया।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह ने छात्रों और अन्य सभी हितधारकों को प्रेरित किया। उन्होंने उन्हें अपनी संबंधित गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि ठोस सामाजिक परिणाम हासिल किए जा सकें।
चयनित तकनीकी संस्थानों को क्लीन एंड स्मार्ट कैंपस अवॉर्ड, 2020 प्रदान किया गया। इस पुरस्कार का उद्देश्य सभी हितधारकों के साथ जुड़ाव की तलाश करना है, मुख्य रूप से छात्र समुदाय को व्यापक गुंजाइश (स्कोप) और क्षमता की ओर ध्यान आकर्षित करना है जो प्रौद्योगिकी अमूर्त उद्देश्यों जैसे कि स्वच्छता, स्थिरता, पर्यावरण आदि के लिए प्रदान करता है। विजेता संस्थानों ने पर्यावरण के लिए काफी चिंता और प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। सभी संस्थानों को अपनी गतिविधियों को स्थिर, स्वच्छ और हरित पर्यावरण नीति के तहत करना चाहिए।
००

शेयर करें..

Post navigation

Previous: अनिल देशमुख के खिलाफ ईडी ने जारी किया लुकआउट सर्कुलर
Next: यूपी के पूर्व गवर्नर कुरैशी के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-12 at 21.33.22
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • सीईआईआर पोर्टल की मदद से गुम मोबाइल बरामद, स्वामी को सौंपा
  • विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
  • मानिला महाविद्यालय गेट से लिंक मार्ग निर्माण का शुभारंभ, ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
  • रेलाकोट रोड स्थित जंगल में लगी आग पर फायर सर्विस ने पाया काबू
  • नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा, 21 जून को दो केंद्रों पर होगी परीक्षा
  • बड़े भाई की हत्या के आरोप में छोटा भाई गिरफ्तार, बड़े भाई की डांट से था नाराज
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.