
आरएनएस राजगढ़। आधुनिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के केंद्र इटरनल विश्वविद्यालय बडू साहिब में स्थिरता विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज सम्पन्न हो गया। आज दूसरे दिन की शुरुआत आईबी स्कूल, बडू साहिब के छात्रो द्वारा एक छोटे से स्वागत कार्यक्रम के साथ हुई। स्वागत कार्यक्रम के पश्चात डॉ. जितेन्द्र शर्मा सेवानिवृत्त प्रिंसिपल चीफ अरण्य पाल पंजाब सरकार ने सम्मेलन पर अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि कैसे कागज उद्योग ने लकड़ी के अलावा कच्चे माल का इस्तेमाल करने के लिए खुद को बदल लिया है और अब उद्योग में इस्तेमाल किए गए पेपर को रॉ मैटेरियल के तौर पर रीसाइक्लिंग कर रही है।
तीन तकनीकी सत्रों में पहले सत्र की अध्यक्षता चंडीगढ़ के डॉ. सुच्चा सिंह गिल एक्स एसजी-सीआरआरडी, जितेंद्र शर्मा आईएफएस (रिटायर्ड) प्रिंसिपल चीफ फॉरेस्टर ऑफ फॉरेस्ट एंड हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स, पंजाब एवं प्रदीप रामकृष्ण जीएम एसईबीआई ने की। दूसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. डीके शर्मा पूर्व प्रिंसिपल एडवाइजर गवर्नमेंट ऑफ़ हिमाचल प्रदेश, डॉ अमिता जोसेफ निदेशक बीसीएफ फाउंडेशन और डॉ आर एस घूमन प्रो सीआरआरिड, चंडीगढ़ ने की। तीसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ मनोज कुमार, एमआर जीत गुप्ता, पूर्णिमा चौहान सेवानिवृत्त आईएएस (एचपी) के साथ हुई। डॉ सिमी मेहता सीईओ आईएमआरआई और साक्षी सिंह पंवार सहायक संपादक आईएमआरआई ने भी सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई I
अंत में सभी गणमान्य लोगों को एक स्मारिका एक छोटा सा पौधा और एक सरोपा देकर सम्मानित किया गया। डॉ देवेंद्र सिंह, कुलपति इटर्नल यूनिवर्सिटी और सहायक उप कुलपति डॉ अमरीक सिंह आहलुवालिया, पूर्व इटरनल यूनिवर्सिटी पूर्व उपकुलपति डॉ हरचरण सिंह धालीवाल ने आयोजन को सफल बनाने और अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय के वक्ताओं, विद्वानों, युवा वैज्ञानिकों, डीन, छात्रों और स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन के दौरान हिमाचल प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ आर के परुथी भी मौजूद थे। अंत में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया और इटर्नल यूनिवर्सिटी के छात्रों को पोस्टर बनाने और परियोजनाओं को प्रदर्शित करने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
