Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • विवाहेतर संबंध होने पर भी बच्चे पर है मां का हक
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

विवाहेतर संबंध होने पर भी बच्चे पर है मां का हक

RNS INDIA NEWS 04/06/2021
default featured image

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दिया फैसला

नई दिल्ली (आरएनएस)। यदि कोई महिला विवाहेतर संबंध में है तो भी बच्चे को अपने पास रखने के उसके हक को खारिज नहीं किया जा सकता। किसी महिला के दूसरे शख्स से संबंध के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वह अच्छी मां साबित नहीं होगी। बच्चे की कस्टडी को लेकर एक मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि एक पितृसत्तात्मक समाज में अकसर ही महिला के चरित्र को लेकर सवाल उठा दिए जाते हैं और कई बार इनका कोई आधार भी नहीं होता है। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले की महिला ने अर्जी दाखिल कर अपनी साढ़े 4 साल की बेटी की कस्टडी मांगी थी, जबकि वह अपने पति से अलग हो चुकी है, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है।
हाई कोर्ट के जस्टिस अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बच्ची को महिला को सौंपा जाना चाहिए, जो फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में ही रह रही है। महिला से अलग होकर रह रहे पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी एक रिश्तेदार के साथ विवाहेतर संबंध में है। इस पर अदालत ने कहा कि यह एक मनगढ़ंत बयान लगता है। इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं पेश किया गया है। कई बार पितृसत्तात्मक समाज में महिला पर यूं ही चरित्रहीन होने का लांछन लगा दिया जाता है, जबकि कई बार इसका कोई आधार भी नहीं होता है। यही नहीं अदालत ने कहा कि यदि कोई महिला एक्स्ट्रा-मैरिटल रिलेशनशिप में है तो भी उसे लेकर यह नहीं कहा जा सकता कि वह एक अच्छी मां नहीं साबित हो सकती। यह तर्क बच्चे की कस्टडी उसे न देने का आधार नहीं हो सकता। जज ने अपने आदेश में कहा कि हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 के सेक्शन 6 के मुताबिक एक महिला ही 5 साल की उम्र तक अपने बच्चे की प्राकृतिक गार्जियन होती है। जज ने कहा कि इस उम्र में बच्चों को प्यार, देखभाल और अनुराग की जरूरत होती है। किशोरावस्था में किसी भी बच्चे के लिए मां का सहयोग बेहद जरूरी होता है।
याचिका में महिला ने कहा था कि उनकी शादी 2013 में हुई थी। पति ऑस्ट्रेलिया नागरिक है और इसके चलते वह भी ऑस्ट्रेलिया ही चली गई थीं। दोनों के घर में जून, 2017 में एक बेटी का जन्म हुआ था। हालांकि कुछ वक्त बाद दोनों में अनबन शुरू हो गई और फिर अलग ही रहने लगे। महिला ने कहा कि जनवरी 2020 में हम भारत आए थे, लेकिन उसके बाद पति बेटी को लेकर वापस ऑस्ट्रेलिया चला गया, जिसके कस्टडी मुझे चाहिए।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: जिम संचालक समेत चार के खिलाफ मुकदमा
Next: ईवीएम और वीवीपैट से छेड़छाड़ संभव नहीं : आयोग

Related Post

default featured image
  • राष्ट्रीय

साल में पांच बार यातायात नियम तोड़े तो तीन महीने के लिए निलंबित हो सकता है लाइसेंस

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0
default featured image
  • राष्ट्रीय

कलयुगी मां की हैवानियत : पति के देर से घर आने पर हुआ झगड़ा, गुस्से में अपनी ही बेटी की कर दी हत्या

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0
WhatsApp Image 2026-01-22 at 20.44.06
  • उत्तराखंड
  • राष्ट्रीय
  • हरिद्वार

भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान: गृहमंत्री अमित शाह

RNS INDIA NEWS 22/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 01 फरवरी
  • बाड़ेछीना के पास सड़क हादसा, स्कूटी सवार युवक की मौके पर मौत
  • ज्योतिर्मठ में ध्वस्त होंगे भू धंसाव के समय जर्जर हुए 55 भवन, टेक्निकल टीम ने किया सर्वे
  • यूजीसी नियमों के विरोध में राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
  • मार्शल आर्ट में उत्तराखंड का भविष्य उज्जवल : रेखा आर्या
  • कार रेंटल सेंटर पर छापा, निजी वाहनों की चाबियां जब्त

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.