Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • अल्मोड़ा
  • रक्षाबंधन विशेष : जानें शुभ मुहूर्त, विधि
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड
  • नैनीताल
  • पिथौरागढ़
  • बागेश्वर
  • संस्कृति

रक्षाबंधन विशेष : जानें शुभ मुहूर्त, विधि

RNS INDIA NEWS 02/08/2020
Screenshot_20200802_120326_compress84

देहरादून। इस वर्ष रक्षाबंधन 3 अगस्त सोमवार को पड़ रहा है। 558 साल बाद सावन माह की पूर्णिमा पर गुरु और शनि अपनी-अपनी राशि में वक्री रहेंगे। रक्षाबंधन के दिन सुबह 9:29 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा के बाद ही बहनों को अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना चाहिए। 9:29 के बाद पूरे दिन राखी बांध सकते हैं। रक्षाबंधन के सुबह 7:30 बजे के बाद पूरे दिन श्रवण नक्षत्र रहेगा। पूर्णिमा पर पूजन के बाद अपने गुरु का आशीर्वाद भी जरूर लेना चाहिए। श्री गुरु रामराय लक्ष्मण संस्कृत महाविद्यालय देहरादून के प्राचार्य डॉ राम भूषण बिजल्वाण के अनुसार रक्षाबंधन पर गुरु अपनी राशि धनु में और शनि मकर में वक्री रहेगा। इस दिन चंद्र ग्रह भी शनि के साथ मकर राशि में रहेगा। ऐसा योग 558 साल पहले 1462 में बना था। उस साल में 22 जुलाई को रक्षाबंधन मनाया गया था।इस बार रक्षाबंधन पर राहु मिथुन राशि में, केतु धनु राशि में है। 1462 में भी राहु-केतु की यही स्थिति थी। रक्षाबंधन पर सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। स्नान के बाद देवी-देवताओं और अपने गुरु की पूजा करें। पितरों के लिए धूप-ध्यान करें। इन शुभ कामों के बाद पीले रेशमी वस्त्र में सरसों, केसर, चंदन, चावल, दूर्वा और अपने सामर्थ्य के अनुसार सोना या चांदी रख लें और धागा बांधकर रक्षासूत्र बना लें। इसके बाद घर के मंदिर में एक कलश की स्थापना करें। उस पर रक्षासूत्र को रखें, विधिवत पूजन करें।वस्त्र अर्पित करें, भोग लगाएं, दीपक जलाकर आरती करें। पूजन के बाद ये रक्षासूत्र को दाहिने हाथ की कलाई पर बंधवा लेना चाहिए। ब्राह्मण लोग अपने यजमानों के हाथों पर रक्षासूत्र बांधे। राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होनी चाहिए. कहते हैं कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया। 3 अगस्त को भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है. राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएग। दोपहर को 1 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा समय है। इसके बाद शाम को 7 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9:30 के बीच में बहुत अच्छा मुहूर्त रहेगा।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: उत्तरकाशी वन प्रभाग क्षेत्र में बनाया जायेगा हिम तेंदुए का संरक्षण केन्द्र
Next: शनिवार को आये प्रदेश में 264 नए कोरोना केस

Related Post

dhami (2)
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं

RNS INDIA NEWS 14/01/2026 0
Rashifal
  • धर्म
  • संस्कृति

राशिफल 14 जनवरी

RNS INDIA NEWS 14/01/2026 0
default featured image
  • अल्मोड़ा

उत्तरी पर्वतीय और उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों के लिए नई स्वीट कॉर्न संकर किस्म ‘वी एल मधुबाला’ अधिसूचित

RNS INDIA NEWS 13/01/2026 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं
  • राशिफल 14 जनवरी
  • किसान की आत्महत्या सरकार की विफलता का प्रमाण: प्रीतम
  • कचरा मैन बन स्वयं सेवियों ने निकाली स्वच्छता जागरूकता रैली
  • आपसी विवाद में युवक को मारी गोली, गंभीर घायल
  • चोरी के शक में मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.